MP Nagar Nigam Mayor Fund News: चुनाव से पहले महापौरों को झटका, ‘महापौर निधि’ पर सरकार ने लगाई रोक; बजट में प्रावधान नहीं
भोपाल: मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले नगर निगम चुनाव से पहले राज्य सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला लिया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगम कमिश्नरों को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया है कि वार्षिक बजट में ‘महापौर निधि’ (Mayor Fund) का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। इस MP Nagar Nigam Mayor Fund News के सामने आने के बाद अब नगर निगमों के बजट निर्माण में हड़कंप मच गया है।

MP Nagar Nigam Mayor Fund News: चुनाव से पहले महापौर निधि पर ‘ब्रेक’
MP Nagar Nigam Mayor Fund News: क्या है सरकार का नया आदेश?
विभाग के उप सचिव प्रमोद कुमार शुक्ला द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के अध्याय 7 में बजट प्रस्तावों का जिक्र है, लेकिन इसमें ‘महापौर निधि’ के संबंध में कोई विशेष प्रावधान नहीं है।
आदेश के अनुसार, अब से बजट तैयार करते समय नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 और लेखा एवं वित्त नियम 2018 का कड़ाई से पालन करना होगा। इसका सीधा मतलब है कि अब महापौर अपनी स्वेच्छा से करोड़ों रुपये की निधि का आवंटन नहीं कर पाएंगे।
भोपाल और इंदौर जैसे बड़े नगर निगमों पर पड़ेगा सीधा असर
इस MP Nagar Nigam Mayor Fund News का सबसे ज्यादा असर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों पर पड़ेगा।
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भोपाल: पिछले बजट में महापौर की निधि 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ कर दी गई थी।
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इंदौर: यहाँ भी महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यकाल में निधि 10 करोड़ रुपये निर्धारित थी।
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ग्वालियर: वर्तमान में यहाँ 6 करोड़ की निधि है, जिसे बढ़ाकर 10 करोड़ करने का प्रस्ताव था।
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जबलपुर: यहाँ भी सालाना 10 करोड़ रुपये महापौर निधि के रूप में उपयोग किए जाते हैं।

MP Nagar Nigam Mayor Fund News: चुनाव से पहले महापौर निधि पर ‘ब्रेक’
जनप्रतिनिधियों की निधि पर संशय की स्थिति
नगर निगमों में केवल महापौर ही नहीं, बल्कि अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर और पार्षदों की भी अपनी निधि होती है। भोपाल की बात करें तो:
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अध्यक्ष निधि: 5 करोड़ रुपये
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MIC मेंबर निधि: 1 करोड़ रुपये
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पार्षद निधि: 50 लाख रुपये
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जोन अध्यक्ष निधि: 10 लाख रुपये
सरकार के इस नए लेटर के बाद अब यह संशय पैदा हो गया है कि क्या आगामी बजट में इन जनप्रतिनिधियों की निधि को शामिल किया जाएगा या नहीं। जानकारों का मानना है कि इस फंड का उपयोग शहर के विकास कार्यों के लिए किया जाता था, जिस पर अब कैंची चल सकती है।
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MP Nagar Nigam Mayor Fund News: पुष्यमित्र भार्गव ने क्या कहा?
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नगर निगम के बजट में महापौर निधि की राशि परिषद द्वारा ही तय की जाती है। हालांकि, सरकार के इस नए आदेश के बाद अब कानूनी पेच फंस सकता है, जिससे विकास कार्यों की रफ्तार धीमी होने की आशंका है।












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