विवादों से पुराना नाता है Manish Patel Rewa ; जानें BNS की किन धाराओं में फंसेगा यूट्यूबर।
रीवा, मध्य प्रदेश: विंध्य की धरती रीवा में पिछले 48 घंटों से माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर Manish Patel Rewa द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर साझा की गई एक पोस्ट ने पूरे जिले में उबाल ला दिया है। ब्राह्मण समाज का आरोप है कि मनीष पटेल ने जानबूझकर समाज की बेटियों की गरिमा को ठेस पहुँचाने और उन्हें अपमानित करने के उद्देश्य से भद्दी टिप्पणियां की हैं।
इस घटना के बाद शहर के सिविल लाइन थाने सहित जिले के अन्य पुलिस थानों में शिकायतों की बाढ़ आ गई है। लोगों में इस कदर गुस्सा है कि वे आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।
2. विवाद की जड़: क्या था उस पोस्ट में?
सूत्रों के अनुसार, मनीष पटेल ने एक वीडियो और पोस्ट साझा किया था जिसमें ब्राह्मण समाज की महिलाओं और बेटियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था।
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संशोधन की नाकाम कोशिश: जब विवाद बढ़ा और समाज के युवाओं ने विरोध दर्ज कराया, तो मनीष ने अपनी पोस्ट में कुछ शब्दों को बदल दिया (Edit)।

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माफी का अभाव: समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि शब्दों को बदलना केवल कानूनी कार्रवाई से बचने की एक चाल है। आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सार्वजनिक माफी नहीं मांगी, जिससे आक्रोश और भड़क गया।
3. कानूनी कार्रवाई: सिविल लाइन पुलिस का कड़ा रुख
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कदम उठाए हैं। ईटौरा निवासी आशिष तिवारी की लिखित शिकायत को आधार बनाकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
आरोपी पर लगीं ये धाराएं:
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धारा 196(1)(ए) BNS 2023: धर्म, मूलवंश, निवास स्थान, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना।
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धारा 353(2) BNS 2023: स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से किया गया हमला या अभद्र टिप्पणी।
“पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी मनीष पटेल फिलहाल फरार है, लेकिन हमारी टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। साइबर सेल की मदद से उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक किया जा रहा है।” — सिविल लाइन थाना प्रभारी, रीवा
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4. अपराधी का इतिहास: विवादों से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब मनीष पटेल सुर्खियों में आया हो। स्थानीय लोगों और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह ‘कंट्रोवर्सी किंग’ बनने की राह पर है:
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सेना का अपमान: पूर्व में मनीष पर भारतीय सेना के जवानों के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट बनाने का आरोप लग चुका है।
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नफरती कंटेंट: व्यूज पाने के लिए वह अक्सर जातिवादी या सांप्रदायिक मुद्दों को हवा देने वाले वीडियो बनाता रहा है।
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सोशल मीडिया की लत: विशेषज्ञों का मानना है कि ‘फॉलोअर्स’ बढ़ाने की चाहत में वह सामाजिक मर्यादाओं को लांघ रहा है।
5. समाज का विरोध और संगठनों की चेतावनी
रीवा के विभिन्न ब्राह्मण संगठनों ने कलेक्ट्रेट और थानों के बाहर प्रदर्शन किया। समाज के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि बेटियों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बड़ा आंदोलन: संगठनों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे।
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शांति की अपील: जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की है।
6. डिजिटल एथिक्स और कानून का विश्लेषण (Deep Analysis)
(यहाँ हम लेख को विस्तार दे रहे हैं) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के नए प्रावधानों के तहत सोशल मीडिया पर किया गया अपराध अब ज्यादा संगीन है।
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दंड का प्रावधान: धारा 353(2) के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को 1 से 5 साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।
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डिजिटल फुटप्रिंट: कानून के जानकारों का कहना है कि पोस्ट डिलीट करने या एडिट करने से अपराध कम नहीं होता, क्योंकि पुलिस फोरेंसिक तरीके से पुराने डेटा को रिकवर कर सकती है।












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