मामला यूपी के फतेहपुर जिले के खागा कोतवाली क्षेत्र के वैसापुर गांव को है जहां एक झोलाछाप डॉक्टर के यहां इलाज कराने आए मरीज की मौत हो गई. जिसके बाद ये झोलाछाप डॉक्टर मरीज का शव सड़क किनारे फेंककर भाग गया.

Advertisement

कर्नाटक के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते 22 कोरोना मरीजों की मौत

जानकारी के मुताबिक किशनपुर थाना क्षेत्र के बरेची गांव का रहने वाला 55 वर्षीय श्रीचंद्र यादव को अचानक बुखार आया फिर परिजनों उसे इलाज के लिए झोलाछाप डॉक्टर के पास लेकर गए. इलाज के दौरान मरीज की तबियत बिगड़ने लगी. तो डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि वो शहर के अस्पताल में इलाज कराने ले जा रहा है. इसके बाद वो मरीज को बाइक पर बैठाकर ले गया और गांव से कुछ दूर ले गया और सड़क किनारे मृत हालत में छोड़कर भागा गया.

IPL पर कोरोना का कहर, दो खिलाड़ी पॉजिटिव, KKR vs RCB का आज का मैच हुआ रद्द

वहीं इस मामले में सीओ ने बताया कि किशनपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली रानी देवी ने प्रभारी निरीक्षक खागा को शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उनसे कहा है कि उसके पति की तबीयत खराब हो गई थी जिसका इलाज कराने के लिए एक डॉक्टर के पास ले गई थी. इलाज के दौरान उसके पति की तबीयत ज्यादा खराब हो गई.

मध्य प्रदेश में पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का फैसला

आरोपी डॉक्टर ने उसे फतेहपुर इलाज कराने की बात कहकर उसे साथ ले गया. जहां पर रास्ते में उसकी मौत हो गई. फिर झोलाछाप डॉक्टर उसे रास्ते में ही छोड़कर कहीं भाग गया. वहीं इस घटना के बाद पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी झोलाछाप के तलाश में जुट गई है.

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply