Vyapam Scam: एमपी पुलिस भर्ती घोटाले में 10 साल बाद 7 आरोपियों को मिली सजा, जानिए पूरा मामला

Vyapam Scam: एमपी पुलिस भर्ती घोटाले में 10 साल बाद 7 आरोपियों को मिली सजा, जानिए पूरा मामला

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व्यापम घोटाले में पांच उम्मीदवार और दो सॉल्वर को मिली 7 साल की कारावास की सजा

 

Vyapam Scam: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (MPESB) में 10 साल पहले हुए पुलिस कांस्टेबल भर्ती घोटाले में मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाया।भोपाल में एक विशेष सीबीआई अदालत ने व्यापम घोटाले में सात लोगों को आरोपी मानते हुए कठोर सजा सुनाई। कोर्ट ने सातों आरोपियों को सात साल का कारावास दिया और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

2013 में आयोजित हुई थी परीक्षा

मध्य प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती मामले से जुड़ा व्यापम घोटाला अब एमपीईएसबी (मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड) नाम से चर्चित है। भोपाल की विशेष सीबीआई के लोक अभियोजक सुशील कुमार पांडे ने कहा कि एमपीईएसबी द्वारा 2013 में आयोजित मध्य प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान पांच उम्मीदवारों ने साल्वर को अपनी जगह परीक्षा में बैठाया था। इस बीच बोर्ड के बिचौलियों ने लिखित परीक्षा पास कराने में उनकी मदद की थी।

अब साल में दो बार होंगी बोर्ड परीक्षाएं

5 उम्मीदवार और 2 सॉल्वर मिले दोषी

सीबीआई अदालत के न्यायाधीश नितीराज सिंह सिसोदिया ने IPC की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी और मध्य प्रदेश मान्यता प्राप्त शिक्षा (एमपीआरई) अधिनियम के प्रासंगिक वर्गों के तहत पांच उम्मीदवारों और दो सॉल्वरों को दोषी ठहराया। इन पांचों उम्मीदवारों की पहचान मुकेश रावत, अजब सिंह, वासुदेव त्यागी, सुनील त्यागी और आशीष शर्मा के रूप में हुई है। जबकि दोनों सॉल्वरों की पहचान सुनील श्रीवास्तव और अवधेश गोस्वामी के रूप में हुई।

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पास घोषित हो गए थे पांचों उम्मीदवार

2013 में हुई एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में उम्मीदवार मुकेश रावत की जगह सॉल्वर सुनील श्रीवास्तव और अजब सिंह की जगह सॉल्वर अवधेश गोस्वामी परीक्षा में बैठे थे। इसी तरह वासुदेव त्यागी, सुनील त्यागी और आशीष शर्मा के लिए, अज्ञात सॉल्वर परीक्षा में बैठे थे। इस तरह सॉल्वर की मदद से ये पांच उम्मीदवार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पास हुए थे।

10 साल बाद मिली आरोपियों को सजा

जब इस पूरे मामले में शिकायत दर्ज कराई गई तो पुलिस भी इस मामले पर गोलमोल करती रहीं। नतीजन यह मामला 10 साल से अदालत के चक्कर लगा रहा था। आज कोर्ट ने एमपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती घोटाले के आरोपियों को दोषी मानते हुए 7 साल की कारावास की सजा सुनाई है।

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