पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिर किसानों को लेकर प्रदेश की कमलनाथ सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिवराज लगातार किसानों से मिलकर उनकी समस्या जान रहे है और खराब फसलों का मुआयना कर रहे है। सोमवार को शिवराज शाजापुर के बडौद पहुंचे जहां उन्होंने अतिवृष्टि से हुई सोयाबीन आदि फसलों के सर्वे एवं मुआवजा के लिए जन आक्रोश रैली निकाली। साथ ही सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की फसलों का तुरंत सर्वे नहीं कराया गया और 40 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा नहीं दिया गया तो मंत्री- कांग्रेस विधायक एवं सरकार को घेरेंगे।Capture.PNG

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दरअसल, सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सुभाष मार्ग से कृषि उपज मंडी प्रांगण तक अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों के सर्वे एवं मुआवजा की मांग को लेकर जन आक्रोश यात्रा निकाली। साथ ही अनुविभागीय अधिकारी महेन्द्रसिंह कवचे को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी गिरफ्तारी दी।

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उनके साथ सासंद महेंद्रसिंह सोलंकी, विधायक मनोहर उंटवाल एवं वरिष्ठ नेताओं ने गिरफ्तारियां दीं।इसके पहले मंडी प्रांगण में किसानों को संबोधित करते उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों का तुरंत सर्वे हो और मुआवजा दिया जाए। नहीं तो कांग्रेस के मंत्री-विधायक एवं उनकी सरकार को घेरेंगे।उन्होंने कहा कि किसानों का कर्ज माफ हो, अतिवृष्टि का सर्वे हो तथा 40 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सरकार मुआवजा दे। नहीं तो मंत्री-विधायकों को उनके क्षेत्रों में घेराव कर आंदोलन किया जाएगा।

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शिवराज ने आगे कहा किसानों का दो लाख रुपए का कर्जा भी माफ नहीं हुआ। शून्य प्रतिशत ब्याज की जगह अब किसानों को 14 से 16 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है। किसान ओव्हर ड्यू हो गए। नगदी से खाद-बीज खरीद कर फसल बोई और वह भी अतिवृष्टि के चलते अफलन की स्थिति निर्मित हुई। इस कारण किसान बर्बाद हो गया। कांग्रेस सरकार के मंत्री भोपाल में बैठकर कह रहे कि देखते हैं कितना नुकसान हुआ है या नहीं।

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जबकि शिवराजसिंह चौहान तो खेतों में हेलीकॉप्टर उतार कर किसानों के दुःख को देखने आता और वहीं से घोषणा कर देता कि किसानों का नुकसान कितना हुआ है कितना पैसा देना है।वहीं पूर्व में बेची गई सोयाबीन, गेहूं, धान, चना आदि की बोनस राशि आज तक कांग्रेस सरकार ने नहीं डाली है, जबकि शिवराजसिंह की सरकार तत्काल राशि किसानों के खातों में डालती थी।

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शिवराज की इस धमकी के बाद कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है।शिवराज की किसानों को लेकर बार बार दी जा रही धमकी ने सरकार की नींद उड़ा कर रख दी है। कांग्रेस को डर है कि जिस किसान को वो आधार बनाकर सत्ता मे आई थी वह मुखर ना हो जाए, आंदोलन करने ना लगे। हालांकि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बयान जारी कर कहा है कि अतिवृष्टि व बाढ़ से प्रभावित किसान भाई चिंता न करें। संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ है। फसलों के नुकसान की भरपाई के प्रति हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। सर्वे जारी है। किसानों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा।

@vicharodaya

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