जम्मू-कश्मीर पर भारत के फैसले का रूस ने समर्थन किया है. रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने जम्मू और कश्मीर को दो भागों में विभाजित और केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फैसला संविधान के अनुसार ही लिया है. मॉस्को को उम्मीद है कि जम्मू-कश्मीर राज्य पर दिल्ली द्वारा लिए गए फैसले पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव में वृद्धि नहीं होने देंगे.

रूस के विदेश मंत्रालय की कहा गया, हमें उम्मीद है कि भारत-पाकिस्तान के मतभेदों को द्विपक्षीय आधार पर राजनीतिक और राजनयिक तरीकों से हल किया जाएगा. भारत और पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में किए गए बदलाव के बाद किसी तरह के तनाव को बढ़ावा नहीं देंगे.

@ANI

Ministry of Foreign Affairs of Russia: We proceed from fact that the changes associated with the change in the status of the state of J&K and its division into two union territories are carried out within framework of the Constitution of the Republic of India. (2/3)

Ministry of Foreign Affairs of Russia: Moscow expects that India and Pakistan will not allow aggravation of the situation in the region due to the change by Delhi in the status of the state of Jammu and Kashmir. (1/3)

Ministry of Foreign Affairs of Russia: Russia is a consistent supporter of normalization of relations between India and Pakistan.We hope that the differences between them will be resolved by political and diplomatic means on a bilateral basis (3/3)

वहीं चीन ने भी भारत और पाकिस्तान से अपने विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत करने का आग्रह किया. बता दें कि चीन की यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के चीन से परामर्श के लिए पहुंचने के बाद शुक्रवार को आई.

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी, भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द किए जाने के मद्देनजर अगला कदम लेने के लिए चीन से राय लेने पहुंचे हैं. चीन विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम पाकिस्तान और भारत से बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने व संयुक्त रूप से शांति एवं स्थिरता को कायम रखने का आह्वान करते हैं.

चीन ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के फैसले का प्रत्यक्ष रूप से जिक्र नहीं करते हुए कहा, प्राथमिकता यह है कि प्रासंगिक पक्ष को चाहिए कि वह यथास्थिति को एकतरफा बदलने से बाज आए और तनाव न बढ़ाए.

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बता दें कि भारत ने शुक्रवार को कहा कि अब पाकिस्तान को जम्मू एवं कश्मीर के सच को स्वीकार कर लेना चाहिए और उसे भारत के आंतरिक मामलों में दखल देना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के बाद पाकिस्तान को चिंता है कि अब वह वहां कश्मीरी लोगों को गुमराह कर आतंक के लिए प्रेरित नहीं कर सकेगा.

@vicharodaya

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