सिम्स में अन्य अस्पतालों से लगातार मरीजों को रिफर किया जा रहा है। इसकी वजह से 150 बेड के मेडिसीन वार्ड में 200 मरीज पहुंच गए। जगह नहीं होने के कारण मरीजों को दूसरे वार्ड में रखना पड़ा। मंगलवार की सुबह से शाम छह बजे तक किसी भी मरीज को वार्ड में भर्ती नहीं किया गया। परेशान होकर सिम्स प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर सिर्फ गंभीर मरीजों को रिफर करने के लिए कहा है।

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सिम्स में अन्य सरकारी अस्पतालों से गंभीर मरीजों के अलावा छोटी से छोटी बीमारी में पीड़ितों को भी रिफर किया जा रहा है। ऐसे में सिम्स पर दबाव काफी बढ़ गया है। सबसे खराब हाल 150 बिस्तर के मेडिसीन वार्ड का है। रिफर होकर पहुंचने वाले 60 प्रतिशत मरीज इसकी डिपार्टमेंट से संबंधित होते। Pak में हिन्दू लड़की की मौत: इंसाफ की मुहिम में शामिल हुए इमरान, लिखा, नम्रता की मौत से दुखी हूं

मौजूदा स्थिति में मेडिसीन वार्ड में 200 मरीज भर्ती हैं। उन्हें अब दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर उपचार किया जा रहा है। समस्या को देखते हुए मेडिसीन डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. पंकज टेम्भुर्णीकर ने डीन डॉ. पी. पात्रा से शिकायत की। इसकी बाद डीन ने मंगलवार को सुबह से शाम छह बजे तक मेडिसीन वार्ड में मरीजों को भर्ती करने से मना कर दिया।

साथ ही सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि छोटे-छोटे मामलों में भी मरीजों को सिम्स रिफर किया जा रहा है। जबकि जिला अस्पताल का मेडिसीन डिपार्टमेंट खाली रहता है। लगातार मरीज पहुंचने से सिम्स की चिकित्सकीय व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस पर सीएमएचओ डॉ. महाजन ने तमाम अस्पतालों को नोटिस जारी करते हुए व्यवस्था में सुधार करने के लिए कहा है।

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यहां भर्ती हैं मेडिसीन के मरीज

0 आर्थोपेडिक वार्ड में सात मरीज

0 आइ वार्ड में नौ मरीज

0 सर्जरी वार्ड में 11 मरीज

0 ईएनटी वार्ड में 12 मरीज

0 आइसुलेशन वार्ड में 10 मरीज

प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं जिम्मेदार

सिम्स ने स्वास्थ्य विभाग को बताया है कि प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से बड़ी संख्या में मरीजों को रिफर किया जा रहा है। इसमें से ज्यादातर उल्टी, दस्त, सर्दी, बुखार जैसी सामान्य बीमारियों से ग्रसित होते हैं। इन्हें भेजने से पहले ठीक से जांच भी नहीं की जाती।

पहले भेंजे जिला अस्पताल

सिम्स प्रबंधन ने साफ किया है कि सिर्फ गंभीर मरीजों को ही रिफर किया जाए। अन्य मरीजों को पहले जिला अस्पताल भेजना चाहिए। यदि वहां भी मरीज की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है तो सिम्स भेजना है।

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रोजाना 50 से ज्यादा रिफर

सिम्स में रोजाना 50 से ज्यादा मरीजों को रिफर किए जाते हैं। इनमें से करीब 40 से सीधे स्वास्थ्य केंद्रों से भेजे जाते हैं। वहीं जिला अस्पताल से रोजाना पांच-छह मरीज जिला अस्पताल से सिम्स भेजे जाते हैं।

सिम्स के मेडिसीन वार्ड में जगह नहीं है। रिफर मामलों से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसलिए मंगलवार की शाम तक मेडिसीन वार्ड के मरीजों को भर्ती नहीं किया गया। कुछ के डिस्चार्ज होने पर शाम में मरीज लिए गए।

डॉ. पंकज टेम्भुर्णीकर

एचओडी, मेडिसीन डिपार्टमेंट

@vicharodaya

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