वाराणसी के हरहुआ डीह इलाके में सांप्रदायिक सद्भावना का एक नमूना देखने को मिला। जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानवता के पक्ष में नजर आई इस भावना को हर कोई सलाम कर रहा है।

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यहां 19 साल की एक हिंदू लड़की के शव को मुस्लिमों ने कंधा ही नहीं दिया, बल्कि रास्ते में ‘राम नाम सत्य है’ ता जाप भी करते हुए श्मशान पहुंचे। इस लड़की सोनी ने रविवार को मलेरिया के कारण दम तोड़ दिया था।

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उसके पिता होरीलाल विश्वकर्मा को कुछ साल पहले लकवा मार गया था और उसकी मां दिल की मरीज है। सोनी का भाई परिवार में अकेला कमाने वाला सदस्य है।

जब सोनी की मृत्यु हो गई, तो पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम लोग होरीलाल के घर आए और कहा कि उन्हें दाह संस्कार की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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इन पुरुषों ने मुस्लिम टोपी पहनकर सारी व्यवस्था की और फिर शव दाह संस्कार के लिए मणिकर्णिका घाट पर अपने कंधों पर ले गए।

हिंदू परंपरा के अनुसार, उन्होंने रास्ते में ‘राम नाम सत्य है’ का जाप किया। उन्होंने सोनी के भाई को अंतिम संस्कार करने में मदद की और उनमें से कुछ ने आर्थिक सहायता भी दी।

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मदद करने वाले लोगों में से एक शकील के मुताबिक, ‘ये सत्य है। यह जीवन की अंतिमता है लेकिन हम बेमतलब के मुद्दों पर आपस में लड़ते रहते हैं।’

अपने पड़ोसी के लिए मुस्लिम लोगों ने जो किया, उसकी खूब तारीफ हो रही है। परिवार बेटी के जाने के दर्द से जूझ रहा है, लेकिन ऐसे में पड़ोसियों का धर्म-जाति से ऊपर उठकर दिया जाने वाला साथ एक बड़ा सहारा है।

@vicharodaya

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