आतंकियों को तमाचा, सेना में भर्ती होने के लिए बड़ी तादाद में पहुंचे कश्मीरी युवा

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एक तरफ पाकिस्तान के आतंकी संगठन कश्मीर में खौफ की नई फसल तैयार कर रहे हैं तो दूसरी तरफ कश्मीरी युवाओं में देश सेवा की होड़ लगी है। कश्मीर के युवा बढ़-चढ़कर सेना की भर्ती में हाथ आजमा रहे हैं। अगर पत्थरबाजी भटके हुए कश्मीरी नौजवान की एक चुभती हुई सच्चाई है तो सेना में भर्ती होकर देश के लिए मर मिटने वाली एक पूरी नस्ल भी इसी कश्मीर में कतार लगाकर खड़ी है।

आदिल अहमद डार आतंकियों के ब्रेनवॉश का मानव बम है तो हिन्द के लिए बलिदान का जज्बा भी रावी और चिनाव के दरिया में बह रहा है। 5 दिन में 45 जवानों की शहादत के बाद भी कश्मीरी नौजवान सेना में भर्ती होने के लिए लाइन लगाए खड़ा है। ये जज्बा, दहशतगर्दी के गाल पर कश्मीरियत का तमाचा है। बारामूला में सेना में 111 पदों की भर्ती के लिए जम्मू-कश्मीर के 2500 से ज्यादा नौजवान हिस्सा लेने पहुंच गए। मसूद अजहर और हाफिज जैसे आतंकी लाख कोशिश कर लें, नए भारत की नई टीम में शामिल होने के जवान होते सपने को नहीं रोक सकते। पुलवामा हमले के बाद अब आतंकी, उनके हमदर्द और पनाहगार सेना की बंदूकों की रेंज में आ चुके हैं। हर गोली पर एक आतंकी का नाम लिखा है। जैश और लश्कर के इन शैतानों के ऑपरेशन आलआउट के लिए जम्मू-कश्मीर का नौजवान शहीद औरंगजेब की ही तरह प्राण न्यौछावर करने को तैयार है।

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इंडियन आर्मी की ओर से भी सेना में भर्ती के लिए कश्मीरी युवाओं के उमड़ने के बाद ट्वीट किया गया है। इंडियन आर्मी ने अपने टृवीट में कहा, ”कश्मीर के युवा सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में आए। भर्ती अभियान गंटमुल्ला, बारामूला में आयोजित किया जा रहा है। अपार देशभक्ति से ओत-प्रोत, बेहतर जीवन और इंडियन आर्मी में करियर का विचार कश्मीरी युवाओं के लिए बहुत बड़ा कारण है।”

@vicharodaya

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