विधानसभा में आज सदन के अंदर मंत्रियों और विधायकों के अलग-अलग एंट्री गेट से प्रवेश करने की नई व्यवस्था पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह विधायकों के साथ भेदभाव है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले को लेकर गृह मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा और कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी के बीच में जमकर बहस हुई। यह हंगामा तब हुआ जब आसंदी पर अध्यक्ष की जगह सभापति झूमा सोलंकी थी।

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नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि लोकसभा में भी इसी तरह की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि केवल सदन के अंदर एंट्री को लेकर नई व्यवस्था नहीं की गई है, बल्कि पार्किंग में भी मंत्रियों और विधायकों के लिए अलग-अलग इंतजाम किए गए हैं। हालांकि मिश्रा ने यह भी कहा कि यदि विपक्ष का कोई सुझाव हो, तो उसे माना जाएगा और इस पर बैठकर चर्चा की जाएगी।

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विपक्ष गृह मंत्री के इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ और कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और यह नई व्यवस्था विधायकों का अपमान है।

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इस पर डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा आवेश में आ गए और उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसीलिए इस तरह के मुद्दे उठाकर सदन का समय खराब किया जा रहा है। हालांकि PWD मंत्री गोपाल भार्गव ने मामले को शांत कराने के लिए विधानसभा की पुरानी व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि जब विधानसभा मिंटो हाल में लगती थी उस समय भी इस तरह की व्यवस्था थी, लेकिन कांग्रेस के विधायकों ने नहीं सुनी और हंगामा कर दिया। इसे देखते हुए सभापति झूमा सोलंकी को सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ी।

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