मुख्यमंत्रियों के कार्यालय और उनकी करीबी टीम में काम करने वालों की हालत और भी बदतर हैं, क्योंकि उनका दिन बहुत सुबह शुरू हो जाता है और देर रात तक काम करना पड़ता है।

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योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाने के बाद से अधिकारियों का वर्क कल्चर पूरी तरह बादल गया है। मुख्यमंत्री योगी द्वारा घंटों तक काम करने और देर रात तक मीटिंग लेने की वजह से नौकरशाहों को हर वक्त अलर्ट रहना पड़ रहा है। इस नए वर्क कल्चर और जवाबदेही के चलते अधिकारियों में नाराजगी है।

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मुख्यमंत्रियों के कार्यालय और उनकी करीबी टीम में काम करने वालों की हालत और भी बदतर हैं, क्योंकि उनका दिन बहुत सुबह शुरू हो जाता है और देर रात तक काम करना पड़ता है।

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देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य के मुख्यमंत्री बनाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने बहुत जल्द महसूस किया कि ज्यादातर अधिकारियों को फाइलों को निपटाने और लोगों से मिलने की बजाय एक के बाद दूसरी मीटिंग में व्यस्त रहने की आदत है। मोटे तौर पर यह दिन काटने, कड़े निर्णय लेने से बचने और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों की पहचान करने से बचने का तरीका था। योगी ने अधिकारियों को अलर्ट करने की एक तरकीब निकली।

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सीएम योगी ने बताया कि जब उन्होंने नौकरशाहों को मीटिंग के लिए बुलाया तो उन्हें एहसास हुआ कि मामला और बदतर हो गए है। योगी ने कहा “सीएम की बैठक की तैयारी के बहाने उन्हें पूरा दिन बर्बाद करने का बहाना मिल जाता था।”

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