आतंकियों को शरण देने वालों को मिली जमानत,खंडवा जेल तोड़कर भागे थे आतंकी चार को जमानत

    भोपाल जेल
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    खंडवा जेल ब्रेक कर भागे आतंकियों को शरण देने के आरोप में एटीएस ने किया था गिरफ्तार, एजेंसी 90 दिन में चालान नहीं कर पाई पेश

    सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल केंद्रीय जेल में बंद प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के चार कथित कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी है। इनपर खंडवा जेल से भागे आतंकियों को शरण देने का आरोप था कोर्ट ने इस आधार पर उन्हें जमानत दी कि उनके मामले का फैसला करने वाली जिला अदालत भोपाल के पास उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है। जमानत पाने वाले आरोपी सिद्दकी, इस्माइल माशालकर, उमर दंडोती और इरफान हैं। सभी महाराष्ट्र के शोलापुर के रहने वाले हैं।

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    इन्हें 24 दिसंबर 2013 को खंडवा जेल ब्रेक कर भागे सिमी के कार्यकर्ताओं को शरण देने उनकी सहायता करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में यह सभी 28 अन्य सिमी सदस्यों के साथ भोपाल जेल में बंद हैं। बता दें, अक्टूबर 2013 में खंडवा जेल के दो प्रहरियों को चाकू मारकर सिमी के सात कार्यकर्ता फरार हो गए थे। फरार आरोपियों को यूएपीए, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, जालसाजी समेत अन्य संगीन आरोप थे।

    जांच एजेंसी ने अवधि के भीतर आरोप पत्र नहीं दायर किया

    20 मार्च 2014 को मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) की तरफ से दायर आवेदन पर भोपाल के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने सिद्दकी, इस्माइल, उमर और इरफान की न्यायिक हिरासत की अवधि को 90 से बढ़ाकर 180 दिन कर दी थी। 90 दिनों की हिरासत पूरी होने पर संदिग्धों ने इस आधार पर जमानत के लिए आवेदन किया कि जांच एजेंसी ने इस अवधि के भीतर आरोप पत्र दायर नहीं किया। इस पर कोर्ट ने उनकी याचिका और उसके बाद की अपीलों को 2015 में खारिज कर दर दिया था। इस पर चारों ने हाईकोर्ट का रुख किया।

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    हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार करते हुए हुए कहा कि सीजेएम भोपाल के द्वारा सही आदेश पारित किए गए हैं। हाईकार्ट ने भी इनकी सभी याचिकाएं रद्द कर दी थीं। इस पर उनके वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया कि सीजेएम भोपाल द्वारा रिमांड के लिए दिया गया फैसला उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर था। शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चारों को जमानत की राहत का हकदार मानते हुए उन्हें जमानत देने का फैसला सुनाया।

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    तीन बम, 100 डेटोनेटर के साथ पकड़ाए

    खंडवा जेल भागे सिमी कार्यकर्ताओं पर पुलिस अधिकारी की हत्या, खंडवा के अस्पताल में बम विस्फोट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। एटीएस ने मास्टरमाइंट अबू फैसल समेत सभी आरोपियों को शोलापुर से गिरफ्तार किया था। एटीएस ने उनके पास से तीन बम, 100 डेटोनेटर, करीब 70 जिलेटिन स्टिक बरामद करने का दावा किया था। जांच एजेंसी ने दावा किया था गिरफ्तार हुए सिमी के लोगों के पाकिस्तान स्थित तहरीक-एक-तालिबान के संबंध हैं। उनकी हिटलिस्ट में देश के कई महत्वपूर्ण लोग थे।

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