खेल में निरंतरता ना होने के कारण वह कभी अपना नाम नहीं बना सके।
खेल में निरंतरता ना होने के कारण वह कभी अपना नाम नहीं बना सके।

कप्तानी में वर्ल्ड कप जिताने के बाद भी खेल में निरंतरता ना होने के कारण वह कभी अपना नाम नहीं बना सके।

भारत को अपनी कप्तानी में 2012 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीताने वाले कप्तान उन्मुक्त चंद ने संन्यास का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को उन्होंने अपने अधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्मुक्त भारत को अंडर19 वर्ल्ड कप जीताने के बाद सीनियर टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे। उन्हें 21 आईपीएल मैच भी खेलने का मौका मिला, लेकिन वह उसमें भी अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे।

उन्मुक्त ने 48 प्रथम श्रेणी मैच खेले और 35.39 की औसत से 2690 रन बनाए। उन्होंने अपने घरेलू करियर में 79 लिस्ट ए मैच भी खेले थे। खेल में निरंतरता ना होने के कारण वह कभी अपना नाम नहीं बना सके।

हॉकी खिलाड़ी विवेक का 12 अगस्त को मिंटो हॉल में होगा सम्मान,टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय टीम का रहे हैं हिस्सा

बताया जा रहा है कि उनकी जिंदगी का अगला चैप्टर यूएस में होगा, जहां वह शिफ्ट होने और अपने खेल करियर को जारी रखने की योजना बना रहे हैं। यह निश्चित रूप से देश के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक के लिए काफी दुखद अंत है।

गूगल पर खिलाड़ियों की जाति जान रहे लोग,साक्षी मलिक और पीवी सिंधु की जाति जानने की मची होड़

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply