अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में मंगलवार को आतंकियों ने एक मैटरनिटी हॉस्पिटल पर हमला किया। इसमें 14 लोगों की मौत हो गई। 15 घायल हैं। मरने वालों में दो नवजात शामिल हैं।घटना के बाद सुरक्षा बलों ने अस्पताल को घेर लिया। करीब 80 लोगों को बचाया भी गया है। कुछ खबरों में कहा गया है कि हमले में कुछ डॉक्टर और नर्स भी शामिल हैं। इधर, भारत ने महिलाओं, नवजातों सहित निर्दोष नागरिकों के खिलाफ बर्बर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है।

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विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि नवजातों, उनकी मांओं और नर्सों पर किए गए इस हमले की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। यह इंसानियत के खिलाफ गंभीर अपराध है। हम इस हमले में जान गंवाने वालों के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।

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अस्पताल में अचानक घुसे आतंकी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिमी काबुल के बारची अस्पताल में कुछ आतंकी घुसे और उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। यह अस्पताल प्रसव यानी मैटरनिटी के अलावा बच्चों के इलाज के लिए जाना जाता है। सुरक्षा बल करीब ही मौजूद थे। उन्होंने फौरन अस्पताल की घेराबंदी की और लोगों को निकालना शुरू किया। इस ऑपरेशन में 80 लोगों की जान बचा ली गई।

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15 घायलों में से कुछ की हालत गंभीर
अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि 15 लोग घायल हैं। इनमें से ज्यादातर की हालत गंभीर है। इस अस्पताल में कुछ विदेशी लोग भी काम करते हैं। सभी सुरक्षित हैं। इसे दूसरे देशों और चैरिटी ऑर्गनाइजेशन से मदद मिलती है। मंत्रालय ने हमले को मानवता के खिलाफ बताते हुए कहा कि दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कुछ खबरों में कहा गया है कि यह एक सुसाइड अटैक था।

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किस पर शक
न्यूज एजेंसी से बातचीत में एक डॉक्टर ने बताया, “इस इलाके में ज्यादातर शिया मुसलमान रहते हैं। मैंने एक जबरदस्त धमाके की आवाज सुनी। 100 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में सभी बेड फुल थे। एक अधिकारी के मुताबिक, अफगानिस्तान में इस तरह के हमले आईएसआईएस करता रहा है। इस हमले के लिए भी शायद यही आतंकी संगठन जिम्मेदार होगा। जांच की जा रही है।

 

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