महाराष्ट्र में सत्ता की साझेदारी और मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी-शिवसेना में तल्खी बढ़ती जा रही है। शिवसेना सीएम पद पर अड़ी हुई है। ऐसे में NCP की ओर से शिवसेना के सीएम बनाने वाले दावे का समर्थन किया गया है। दरअसल, शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा कि ‘महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। अगर बीजेपी नहीं मानी तो शिवसेना अपने दम पर महाराष्ट्र में बहुमत जुटाएगी।’ इसपर NCP का कहना है कि शिवसेना के दावे पर

राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि ‘शिवसेना के दावे पर किसी को शंका नहीं होनी चाहिए और शिवसेना को तय करना है कि वो कैसे राजनीति करेगी।’ नवाब मलिक ने कहा कि ‘महाराष्ट्र में नए समीकरण बन सकते हैं।’ हालांकि, आपको बता दें कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने पहले कहा था कि उनकी पार्टी को जनता ने विपक्ष में बैठने का आदेश दिया है इसलिए वह विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।

राज्य में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से दोनों गठबंधन साझीदारों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इस चुनाव में 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना ने 56 और भाजपा ने 105 सीटों पर जीत दर्ज की। लेकिन, इसके वाबजूद भी भाजपा-शिवसेना अभी तक राज्य में सरकार नहीं बना सकी है। दोनों दलों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर ठनी हुई है।

महाराष्ट्र में सत्ता की साझेदारी और मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी-शिवसेना में तल्खी बढ़ती जा रही है। शिवसेना सीएम पद पर अड़ी हुई है। ऐसे में NCP की ओर से शिवसेना के सीएम बनाने वाले दावे का समर्थन किया गया है। दरअसल, शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा कि ‘महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। अगर बीजेपी नहीं मानी तो शिवसेना अपने दम पर महाराष्ट्र में बहुमत जुटाएगी।’ इसपर NCP का कहना है कि शिवसेना के दावे पर

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में वकीलों व पुलिस में हिंसक विवाद, गाड़ियों में लगाई आग…

राकांपा के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि ‘शिवसेना के दावे पर किसी को शंका नहीं होनी चाहिए और शिवसेना को तय करना है कि वो कैसे राजनीति करेगी।’ नवाब मलिक ने कहा कि ‘महाराष्ट्र में नए समीकरण बन सकते हैं।’ हालांकि, आपको बता दें कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने पहले कहा था कि उनकी पार्टी को जनता ने विपक्ष में बैठने का आदेश दिया है इसलिए वह विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभाएंगे

इमरान के बुलावे पर पाकिस्तान जाना चाहते हैं सिद्धू, केंद्र और कैप्टन से मांगी इजाजत

राज्य में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से दोनों गठबंधन साझीदारों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इस चुनाव में 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना ने 56 और भाजपा ने 105 सीटों पर जीत दर्ज की। लेकिन, इसके वाबजूद भी भाजपा-शिवसेना अभी तक राज्य में सरकार नहीं बना सकी है। दोनों दलों के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर ठनी हुई है।