हरियाणा की 2014 बैच की आईएएस सोमवार को चंडीगढ़ से इस्तीफा देकर अपने घर यूपी के गाजियाबाद के लिए निकली थी, लेकिन उनकी गाड़ी एनएच-44 पर करनाल जिले के घरौंडा टोल टैक्स पर खराब हो गई। रानी ने अपने विभाग के डायरेक्टर से मदद मांगी। लेकिन, वहां से कोई मदद या जवाब न मिलता देख उन्होंने फेसबुक पर मदद के लिए पोस्ट डाली। इस पोस्ट को मधुबन पुलिस कॉम्पलेक्स में तैनात एक पुलिसकर्मी ने देखी। इसके बाद उसने घरौंडा तक गाड़ी को एक मैकेनिक गैराज तक पहुंचाया। वहां से गाड़ी ठीक होने के बाद रानी नागर अपने घर के लिए रवाना हुई।https://youtu.be/yAfUGDuVKao

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आईएएस अधिकारी रानी नागर ने कहा- मैं समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में एडिशनल डायरेक्टर के पद पर तैनात हूं। पिछले 2 साल से मुझे यूटी (चंडीगढ़) गेस्ट गेस्ट हाउस में सिर्फ 1 कमरे के मकान में समय व्यतीत करना पड़ रहा है। कई बार मांगने पर मुझे मकान नहीं दिया गया। मैं और मेरी बहन 1 कमरे के मकान में रह रहे हैं। 1 कमरे में दो महिलाओं का रहना बड़ा मुश्किल है जिसको लेकर हमें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जान का खतरा भी बना रहता था लॉकडाउन के दौरान मेरी जान को खतरा बढ़ता जा रहा था। इस स्थिति में मेरे लिए ड्यूटी करना बहुत ही मुश्किल था। जिसको लेकर मैंने आईएएस पद से त्यागपत्र देना उचित समझा।

विवादों से जुड़ा रहा है कैरियर
रानी नागर ने वर्ष 2018 के दौरान एक आईएएस पर भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। यह मामला सीएम ऑफिस भी पहुंचा था। नागर ने एक कैब ड्राइवर पर भी अभद्रता का आरोप लगाया था। सिरसा जिला के डबवाली में एसडीएम पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया था।

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