उत्तराखंड के बेटे शहीद दिनेश की मां तुलसी देवी को इकलौते चिराग के शहीद हो जाने का गम जरूर है, लेकिन बेटे के देश के लिए जान न्योछावर करने पर उन्हें गर्व भी है। दिनेश का पार्थिव शरीर घर पहुंचने के बाद मां ने अंतिम दर्शन किए और बेटे की देह से लिपट गईंhttps://www.instagram.com/p/B_1XxeFJjC2/?igshid=uw32ak7i7yyt

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कहा, दिनेश मेरा लाडला था लेकिन उसने कश्मीर में एक घर में घुसे आतंकियों से वहां की महिलाओं और बच्चों को बचाने का काम किया। मेरे दो-चार बेटे और होते। वे भी अगर देश के लिए अपना बलिदान दे देते तो मुझे और अधिक गर्व होता https://youtu.be/8F_zLeAI0sk

दिनेश की बहन ममता पार्थिव शरीर के पहुंचने के काफी देर तक घर से बाहर नहीं आई लेकिन जब शव यात्रा शुरू होने वाली थी तो वह दिनेश के अंतिम दर्शन को पहुंची और जोर-जोर से रोने लगी। वहां मौजूद अन्य महिलाओं ने उसे संभालादूसरी तरफ दिनेश के पार्थिव शरीर के पहुंचने पर पिता गोधन सिंह ने अपने दिल को मजबूत बना लिया और उन्होंने अपनी आंखों में आंसू नहीं आने दिए। इस दौरान वह मौन रहे। जब शव यात्रा शुरू हुई तो खिड़की से बाहर की तरफ देखते रहे

शहीद दिनेश सिंह हल्द्वानी में रहने वाली अपनी मौसी सरस्वती देवी और मौसा रिटायर सूबेदार मेजर हरीश सिंह बिष्ट से काफी घुले मिले रहते थे। दोनों भी आज गांव पहुंचे थे। शहीद दिनेश की शव यात्रा के दौरान पनुवानौला, दन्यां, ध्याड़ी सहित अन्य स्थानों पर लोगों ने रास्ते में कई जगह पार्थिव शरीर लेकर जा रहे वाहन पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी।अमेरिकी वैज्ञानिकों ने किया खुलासा– ट्रंप प्रशासन के अफसरों ने कोविड-19 की चेतावनियों पर नहीं दिया ध्‍यान..


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