प्लास्टिक कचरे का बढ़ता अंबार मानवीय सभ्यता के लिए सबसे बड़े संकट के रुप में उभर रहा है

शासकीय महाविद्यालय नरेला की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा हरियाली महोत्सव के अंतर्गत अभियान ‘धरती के श्रृंगार का‘ के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। धरती की हरीतिमा में वृद्धि कर उसके सौंदर्य सौषठव को बढ़ाने के लिए तथा धरती की शीतलता से जनमानस को नख- शिख तक आलहादित करने के लिए आज युवाओं के मनोज को पर्यावरण के प्रति सचेत करने की आवश्यकता पड़ गई है।

शासकीय योजनाओं के साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति के हृदय से पर्यावरण संरक्षण के पहल की बात की। छात्र धीरेन्द्र उपाध्याय ने गर्म पानी में मर जाने वाले मेंढक की मौत ना मरने के लिए आज से ही सचेत हो जाने की बात कही।

https://youtu.be/jKyC6pMQiXU

इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. संध्या खरे, डॉ. उषाकिरण गुप्ता, डॉ. राकेश कुमार खरे, डॉ. अर्चना गौर, डॉ. नीता पुराणिक, डॉ. प्रीति झारिया, डॉ. मुकेश तिवारी, डॉ. रईस खान, डॉ.सपना शर्मा , श्री टी.पी. पटेल, श्री रोहित सिंह ठाकुर, श्री मनोज बीजघावने एवं श्री संतोष सक्सेना ने विद्यार्थियों का उत्साह वर्धन किया।
कार्यक्रम का संचालन अभिराज शर्मा द्वारा किया गया। प्राचार्य डॉ वीणा मिश्रा द्वारा विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। व्यवस्था में केशव कुमार मिश्रा, दीपक रजक, नासिर खान, अभिनंदन चतुर्वेदी, साहिल राठौर, करण लश्करी, रवि वर्मा, अभिषेक विश्वकर्मा, विशाल कुशवाहा, विकास साहू, खुशबू ताम्रकार, दीक्षा जैन, ऋषिका श्रीवास्तव, काजोल जैन, आरती शर्मा,किरण रजक का विशेष योगदान रहा

@correspondent

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here