सेंधवा का बिजासन मंदिर परिसर। गुरुवार सुबह 8 बजे यहां करीब एक हजार मजदूरों की भीड़ जमा थी। इससे पहले 10 से ज्यादा बसें मजदूरों को लेकर निकल चुकी थीं। इसके बाद बसें आने में देरी हुई तो लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का कहना था रात से रुके हैं, लेकिन यहां पर्याप्त बसें नहीं हैं। एसडीओपी टीएस बघेल, सेंधवा ग्रामीण थाना प्रभारी वीडीएस परिहार और शहर थाना प्रभारी तुरसिंह डावर पुलिसबल समेत मौके पर पहुंचे। लोगों को समझाइश दी लेकिन वे नहीं माने और रोड जाम कर किया। हंगामा करते हुए बिजासन घाट पर 1 किमी आगे तक चले गए। https://youtu.be/JHq3OhnqmRc

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एसडीओपी बघेल ने बस बुलाकर मजदूरों को रवाना किया। मजदूर छत पर बैठने को मजबूर हुए। कुछ को महाराष्ट्र से आ रहे खाली ट्रकों में बैठाकर भेजा गया। इस दौरान वाहनों की लंबी कतारें लगीं। इधर, इंदौर बाइपास पर भी मजदूरों की भीड़ है। यहां निगम और समाजसेवी संस्थाओं की तरफ से भोजन और नाश्ते की व्यवस्था की गई है। गुरुवार को गुजरात से ग्वालियर के लिए पैदल निकले कुछ मजदूर इंदौर में रास्ता भटक गए, पुलिस ने उनका दर्द सुना और सही रास्ता बताया। पालघर भीड़ हत्या मामले में 61 को न्यायिक हिरासत में, 51 को पुलिस हिरासत में भेजा गया

सेंधवा: दोपहर 1.30 बजे एबी रोड पर जाम लगा

खड़किया के पास पेट्रोल पंप परिसर में बैठे 100 से अधिक मजदूर एबी रोड पर आ गए और जाम लगा दिया। कुछ ने पत्थर भी उठा लिए। पूछने पर बताया वे मप्र के रीवा, सतना और दमोह के रहने वाले हैं। बिजासन घर पर बने कैम्प से बसों में बैठाया गया था। बस में यूपी के मजदूर भी थे। कुछ किमी बाद खड़किया स्थिति पेट्रोल पंप पर मप्र के मजदूरों को उतार दिया गया। भोजन, पानी की व्यवस्था भी नहीं की। 2-3 घंटे से परेशान हो रहे हैं। क्षेत्र के विधायक और सांसद से बात की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। हमें महाराष्ट्र में बेहतर सुविधाएं मिलीं। बस में सीट पर एक को ही बैठायाञ ताजा भोजन दिया। इस बीच एसडीएम घनश्याम धनगर पुलिस बल के साथ पहुंचे। मजदूरों को रोड से हटवाया और समझाइश दी। भोजन के पैकेट वितरित करवाए। एसडीएम ने बताया कि मप्र के मजदूरों को उनके जिले तक सीधे छोड़ा जा रहा है। ये लोग यूपी के मजदूरों से साथ बस में सवार हो गए थे, इसलिए उन्हें उतरवाया गया। https://www.instagram.com/p/CAK_M_yBPdN/?igshid=mlmlz8paei4u

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