प्रदेश के जिन जिलों में 17 मई तक कोरोना संक्रमण (पॉजिटिविटी) दर पांच प्रतिशत से कम होगी, वहां कर्फ्यू हटाना शुरू हो जाएगा। कर्फ्यू एक दम से नहीं बल्कि वैज्ञानिक तरीके से धीरे-धीरे हटाया जाएगा ताकि फिर कोई दिक्कत न हो जाए। जहां संक्रमण की दर पांच प्रतिशत से अधिक रहेगी, वहां न तो कर्फ्यू हटेगा और न ही धीरे-धीरे खोला जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने ब्लैक फंगस बीमारी की जानकारी देते हुए कहा कि इसको लेकर काफी चर्चा हो रही है पर चिंता न करें। इसका भी इलाज संभव है पर देर नहीं करनी चाहिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मापदंड कहते हैं कि जहां संक्रमण की दर पांच फीसद से कम होती है, वहां महामारी पर नियंत्रण पा लिया। इसके मद्देनजर यह तय किया है कि जिन जिलों में 17 मई तक यह दर पांच प्रतिशत से कम आ जाएगी, वहां धीरे-धीरे कर्फ्यू हटाना शुरू कर देंगे। जिलों में एकदम से सब-कुछ नहीं खोला जाएगा। अपने लिए, अपनों के लिए और प्रदेश के लिए कोरोना कर्फ्यू का कड़ाई से पालन करें। इसकी वजह से ही महामारी नियंत्रण में आ रही है। संक्रमण दर कम हुई है पर हमने जरा भी असावधानी बरती तो बात बिगड़ जाएगी।

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हमारे व्यवहार के कारण फैलता है वायरस

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे व्यवहार के कारण ही यह वायरस फैलता है, इसलिए कर्फ्यू में कोई घर से बाहर न निकले। मई में कोई कार्यक्रम व आयोजन नहीं होगा। शादी- विवाह भी इस माह नहीं होंगे। किल कोरोना अभियान में टीम घर-घर दस्तक दे रही है। सर्दी, खांसी, जुकाम या बुखार है तो छुपाएं नहीं। आगे आकर बताएं। इलाज की पूरी व्यवस्था है। अस्पतालों में निशुल्क इलाज कर रहे हैं। 2.40 करोड़ आयुष्मान कार्ड हैं। इनका निजी अस्पतालों में भी निशुल्क इलाज होगा।

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संक्रमण की कड़ी तोड़ना है

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि संक्रमण की कड़ी को तोड़ना है। कर्फ्यू का कड़ाई से पालन करना है। किल कोरोना अभियान को सफल बनाना है। कोविड केयर सेंटर में पर्याप्त इंतजाम हैं। अस्पतालों में बिस्तर की कोई कमी नहीं है। सब मिलकर सहयोग करें। कोरोना की जड़ों पर अंतिम प्रहार का मौका है इसलिए चूक न हो जाए, नहीं तो बुरा परिणाम भुगतना पड़ता है। गांव में ही कोरोना को रोक दें। संक्रमित व्यक्ति को बाहर न निकलने दें। गांव को कोरोनामुक्त बनाएं।

 

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