बरेली. जल्द ही देश के हर स्कूल के छात्रों को नेशनल कैडेट कोर (NCC) की ट्रेनिंग मिल सकेगी। इसके लिए पूरे देश में 1 लाख NCC की सीटें बढ़ाने का फैसला हुआ है। इसकी प्रोसेस लगभग पूरी हो चुकी है। दिल्ली स्थित NCC कार्यालय की ओर से इसका प्रस्ताव बनाकर रक्षा मंत्रालय को भेजा जा चुका है। जिस पर जल्द फैसला होगा। मंजूरी मिलते ही स्कूल-कॉलेजों में नए सत्र के लिए सीट बढ़ाने का काम शुरू हो जाएगा। सीटें बढ़ाने के साथ देश भर के स्कूलों के लिए फुली सेल्फ फाइनेंस स्कीम (FSFS) की शुरुआत की गई है।

Advertisement

मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर पाकिस्तान की नजर ..
FSFS के समन्वयक और लेफ्टिनेंट अशोक मोर ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, इस योजना के तहत कोई भी स्कूल, चाहे प्रायवेट हो या सरकारी, यदि अपने यहां NCC ट्रेनिंग शुरू कराना चाहता है तो FSFS के श्रेणी में अनुमति हासिल कर सकता है। अभी सिर्फ दो श्रेणी हुआ करती थी। इसमें गवर्नमेंट फंडेड NCC और सेल्फ फाइनेंस NCC शामिल थी।

धर्मेंद्र को हुआ डेंगू, तीन दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद लौटे घर ।।

गवर्नमेंट फंडेड NCC में कैडेट का पूरा खर्चा सरकार उठाती थी। वहीं सेल्फ फाइनेंस मोड में ट्रेनिंग, यूनिफॉर्म जैसी सुविधाएं ही सरकार की तरफ से होती थी। हालांकि 10 दिनों का जब कैंप लगता तो उसका पूरा खर्च स्कूल वहन करता था।

अब तीसरी नई श्रेणी FSFS शामिल की गई है। इसके तहत यूनिफॉर्म से लेकर ट्रेनिंग तक का खर्च स्कूल ही वहन करेगा।

रोहित की शतक ने विराट को यह बोलने को किया मजबूर ।।

एक कैडेट पर आएगा 3600 रुपए का खर्च

लेफ्टिनेंट कर्नल अशोक मोर के अनुसार, FSFS के जरिए एक कैडेट पर प्रतिवर्ष 3600 रुपए का खर्च आएगा। इसमें ऑफिस स्टाफ, ट्रेनिंग टीचर आर्मी की तरफ से दिया जाएगा। इसके अलावा यूनिफॉर्म, कैंप का खर्च शिक्षण संस्थानों को वहन करना होगा।

मोदी 11-12 अक्टूबर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे।

स्कूलों में हुआ लागू, कॉलेजों में अगले सत्र से

कर्नल मोर के मुताबिक, FSFS को स्कूलों के लिए इसी सत्र से लागू कर दिया गया है। अभी आवेदन मांगने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply