देश में कोरोनावायरस का कहर बढ़ता जा रहा है. भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 28 हजार पहुंच गया है और अब तक 850 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. इस बीच एशिया के सबसे बड़े स्लम मुंबई के धारावी में सोमवार को कोरोना के 13 नए मामले सामने आए. इसके साथ ही धारावी में संक्रमितों का आंकड़ा 288 पहुंच गया है, वहीं अब तक यहां 14 लोगों की जान जा चुकी है.

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केंद्र सरकार को श्रमिकों को घर भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए: शिवसेना
कोरोनावायरस महामारी को रोकने के लिए लागू बंद के बीच शिवसेना ने सोमवार को कहा कि प्रवासी श्रमिकों को उनके घर भेजने का प्रबंध करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है. शिवसेना ने कहा कि ऐसे कई श्रमिक मुंबई के झुग्गी क्षेत्र धारावी में रहते हैं जो कोरोना वायरस के अति प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में कहा, ‘यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे श्रमिकों को घर पहुंचाने के लिए ट्रेन और बसों की व्यवस्था करे.’

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मराठी में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया है कि अगर ये श्रमिक ऐसे ही सड़कों पर जमा होते रहे तो उनके स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो सकता है. संपादकीय में कहा गया है कि केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हट सकती है. संपादकीय में कहा गया है, ‘हम उम्मीद करते हैं कि केंद्र सरकार ने जिस तरह की तत्परता गुजरात के पर्यटकों को उत्तराखंड के हरिद्वार से वापस लाने में दिखाई, वही तत्परता प्रवासी श्रमिकों के मामले में भी दिखाई जाएगी.’

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संपादकीय में कहा गया है, ‘इन श्रमिकों को घर की याद आ रही है और अगर ये सड़कों पर जमा हुए तो पता नहीं क्या होगा.’ बिना किसी का नाम लिए हुए शिवसेना ने कहा कि उन्हें इस बात का डर है कि महाराष्ट्र में कुछ लोग तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए प्रवासी श्रमिकों को ‘उकसा’ रहे हैं.

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