15 माह के बेटे को बचाने बाघ से 25 मिनट तक लड़ी मां,फेफड़ों तक घुसे बाघ के नाखून महिला और बेटा जबलपुर में भर्ती

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    15 माह के बेटे को बचाने बाघ से भिड़ गई मां 25 मिनट तक लड़ी मां,फेफड़ों तक घुसे बाघ के नाखून महिला मध्यप्रदेश के उमरिया में भर्ती
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    मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में अपने 15 माह के बच्चे को बचाने के लिए बाघ से भिड़ गई मां,मां की हिम्मत को देखकर बाघ को पीछे हटना पड़ा,फिलहाल मां और बेटे को इलाज के लिए जबलपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

     

     जब बाघ से भिड़ गई मां…मां की हिम्मत के साथ में बाघ को भी उल्टे कदम लौटने पर मामला मध्यप्रदेश के उमरिया जिले का है जहां एक मां अपने जिगर के टुकड़े को बचाने के लिए बाघ से भिड़ गई अपने 15 माह के बच्चे को बाघ के चंगुल से छुड़ाने के लिए मां करें 25 मिनट तक जूझती रही इस दौरान महिला गंभीर चोटें आई हैं और बाघ के नाखून महिला के फेफड़ों तक पहुंच गए

    मिली जानकारी के मुताबिक एक मां अपने 2 साल के बेटे को लेकर शौच के लिए गई थी। जिस दौरान बच्चे पर एक बाघ ने हमला कर दिया यह देख मां अर्चना चौधरी बाघ की ओर अपने बेटे को बचाने के लिए दौड़ पड़ी आपको बता दें महिला बेटे को बचाने के लिए पूरे 25 मिनट तक बाघ से लड़ी

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    जब बाघ से भिड़ गई मां…पूरा मामला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के माला बीट के राजस्व क्षेत्र के कक्ष क्रमांक पी 348 में ग्राम रोहनिया का है। 25 वर्षीय अर्चना चौधरी अपने दो वर्षीय बेटे रविराज चौधरी को लेकर शौच के लिए गई थी। बाड़ी के पास कुछ दूर पर बैठे बाघ ने हमला कर दिया। दो वर्षीय बच्चे के सिर में बाघ के नाखून के गहरे घाव के निशान बन गए हैं। वहीं मां को भी कमर, हाथ और पीठ में नाखून के गहरे घाव हो गए। घायल अर्चना चौधरी की चीख सुनकर ग्रामीण दौड़े और दोनों को बचा कर वन विभाग को सूचित किया

    मामले की गंभीरता को देखते हुए आनन-फानन में वन विभाग के लोग अपने वाहन से महिला व बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां प्राथमिक उपचार के बाद 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें उमरिया की जिला अस्पताल की ओर भेज दिया गया जहां से महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए जबलपुर रेफर कर दिया घायल महिला की मां पूनम चौधरी ने बताया कि घर के पीछे खेत में बाघ ने हमला किया जिसके बाद वह लोग जल्दी से अस्पताल पहुंचे वन विभाग वालों ने बड़ी मुश्किल से सहायता के नाम से ₹2000 दिए हैं

    जब बाघ से भिड़ गई मां…वहीं, साथ में औपचारिकता निभाने आए फॉरेस्टर राम सिंह मार्को ने बताया कि हम लोगों को जैसे ही सूचना मिली तत्काल मानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए हैं। हमारे अधिकारी बाघ को भगाने में लगे हैं। आगे जो इलाज होगा, उसका जब बिल देंगे तो वह पेमेंट भी विभाग करेगा।

    जिले के कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव घायल मां बेटे को देखने जिला अस्पताल आए। उन्होंने कहा कि हम वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके उनको निर्देशित करेंगे। साथ ही निर्देश देंगे कि ग्रामीणों की सुरक्षा के उपाय अपनाए जाएं।

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