नई दिल्ली: ये हैं एम्स (AIIMS) के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर जाहिद. इनके सामने एक ऐसी समस्या थी जिसका समाधान इन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर किया है. एम्स में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित एक मरीज को शिफ्ट किया जा रहा था. शिफ्ट किए जाने के दौरान एंबुलेंस में उस मरीज का ऑक्सीजन पाइप निकल गया. ऑक्सीजन पाइप को सांस लेने के लिए फौरन वापस फिट करना बेहद जरूरी था.

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डॉक्टर जाहिद ने पीपीई किट पहनी हुई थी. साथ ही चश्मे भी लगाए हुए थे, लेकिन इन चश्मों से ऑक्सीजन के पाइप को ठीक से नहीं देखा जा सकता था. चश्मे अगर हटाते तो पाइप फिट करते वक्त सांस के जरिए आने वाले कण आंख में जाने का खतरा था, लेकिन वक्त बेहद कम था और मरीज की हालत नाजुक थी.

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ऐसे में डॉक्टर जाहिद ने फैसला किया कि उन्हें चश्मे हटाने ही पड़ेंगे. कोरोना वायरस के संक्रमण की परवाह न करते हुए डॉक्टर जाहिद ने चश्मा हटाकर वापस मरीज के ऑक्सीजन पाइप को ठीक कर दिया. डॉक्टर का कहना है कि उस वक्त उन्हें जो ठीक लगा उन्होंने वह किया.

फिलहाल डॉक्टर जाहिद ने अपना टेस्ट करवा लिया है. नतीजों का इंतजार किया जा रहा है. नतीजे आने तक डॉक्टर जाहिद कैंटीन में ही हैं.

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