अंधेरे मे रहने को मजबूर कई उपभोक्ता

दीवाली के त्योहार के पहले ही कई घरों में अंधेरा बना रहा। बिजली कर्मियों की हड़ताल ने उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया है।

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दीवाली के त्योहार के पहले ही कई घरों में अंधेरा बना रहा। बिजली कर्मियों की हड़ताल ने उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया है। कई इलाके ऐसे है जहां 24 घंटे से ज्यादा वक्त से बिजली सप्लाई बंद पड़ी है। उपभोक्ता परेशान होकर अफसरों को फोन लगा रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। मंगलवार को अलग—अलग इलाकों में 500 के पार बिजली की शिकायत हो गई। कई उपभोक्ता तो रात में ​जब बिजली क​र्मी नहीं आए तो निजी लोगों को पोल पर चढ़ाकर काम करवाया।

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आज भी बिजली कर्मियों की हड़ताल जारी है। इस दौरान कर्मचारियों ने हड़ताल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा काम को प्रभावित करने का प्रयास होगा। ताकि बिजली कंपनी और सरकार पर दबाव बन सके। उपभोक्ता बिजली काल सेंटर में फोन कर शिकायत दर्ज करवाते रहे। कुछ तो परेशान होकर बिजली दफ्तर तक पहुंच गए लेकिन राहत नहीं मिल पाई। इधर बिजली कर्मियों ने दफ्तरों के बाहर सुबह से एकजुट होकर प्रदर्शन किया। ये सभी वेतन के साथ बढ़ा हुआ भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। इधर सरकार से भी बिजली कर्मियों की वार्ता सफल नहीं हो पाई। नतीजा काम का बहिष्कार जारी है। यानी आगे भी उपभोक्ताओं को बिजली बंद होने पर परेशानी झेलनी पड़ेगी।

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फोन बजते रहे उठा नहीं: शहर के मढाताल शिकायत केंद्र में बिजली सप्लाई बंद होने की शिकायत काल सेंटर में खूब दर्ज हुई। मढ़ाताल में शिकायत की सुनवाई के लिए फोन उठाने वाले नहीं थे। दमोहनाका क्षेत्र के निवासी अशोक वर्मा के घर बकाया बिजली होने पर कनेक्शन काटा गया था। उन्होंने बकाया राशि जमा करने के बाद बिजली कनेक्शन जुड़वाने के लिए दफ्तर पहुंचे तो कोई नहीं मिला।

किसानों के लिए परेशानी: रबी सीजन के शुरुआत में बिजली कर्मियों की हड़ताल से ग्रामीण इलाकों में भी बड़ी परेशानी है। सिंचाई के लिए पंप चलाने बिजली की जरूरत है कई जगह सप्लाई बंद हुई तो उसे दोबारा चालू नहीं किया जा सका। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर बदले जाने थे। इससे कई घरों को रोशन होना था लेकिन ये सारे काम भी अटके रहे।

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क्या है मांग: जबलपुर मध्य प्रदेश विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के द्वारा मध्य प्रदेश की विद्युत कंपनियों द्वारा 8 फीसद महंगाई भत्ते की वृद्धि तथा जुलाई 2020 एवं जनवरी 2021 के वार्षिक वेतन वृद्धि के एरियस की 50 फीसद राशि के भुगतान के आदेश जारी करने की मांग की जा रही है। पावर इंजीनियर एवं एम्पलाइज एसोसिएशन के महासचिव अजय कुमार मिश्रा, क्षेत्रीय सचिव सुशील पाल, यूनाइटेड फोरम के जिला अध्यक्ष नीलाभ श्रीवास्तव,एस के पचौरी, तकनीकी कर्मचारी संघ के महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव, मध्य प्रदेश विद्युत मंडल पत्र अभियंता संघ के पदाधिकारी अशोक जैन, संविदा कर्मचारी महासंघ के ‘राकेश रमन रैकवार तथा विद्युत कंपनियों के समस्त अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए। इधर मध्यप्रदेश यूनाइटेड फोरम के संयोजक व्हीकेएस परिहार ने कहा कि प्रशासन उनके विरोध पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक विवेक पोरवाल से चर्चा हुई लेकिन उन्होंने सरकार से फंड मिलने पर ही आदेश जारी करने की बात की। व्हीकेएस परिहार ने कहा कि हड़ताल और प्रभावी बनाते हुए आगे जारी रहेगी।

कंपनी का तर्क…

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ऊर्जा सचिव संजय दुबे ने कहा कि बिजली कर्मियों की मांग पूरा करने के लिए 700-800 करोड़ रुपये की जरुरत है। यदि सरकार यह राशि देती है तो हमें उन्हें देने में कोई समस्या नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मियों से मंगलवार को भी वार्ता होगी। उम्मीद है कि वो वापस काम पर लौट आएंगे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो दूसरा विकल्प चुना जाएगा।

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