भोपाल। मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर बड़ी बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस सरकार निकाय चुनाव में कई बदलाव करने जा रही है। जिसे लेकर राजनीतिक हल्कों में चलहल मची हुई है। कांग्रेस लोकसभा में मिली करारी हार के बाद अब ज्यादा से ज्यादा निकाय चुनाव जीतने की रणनीति बना रही है।

कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्रियों को 16 नगर निगम में जीत के लिए जिम्मेदारी सौंपने का मन बना लिया है। निगम समेत नगर पालिका और परिषद में भी चुनाव जिताने की जिम्मेदारी दी जाएगी। फिलहाल किस मंत्री को कहां की जिम्मेदारी मिलेगी यह निर्णय होना बाकी है। यही नहीं मंत्री रिपोर्ट भी तैयार करेंगे। जिसके आधार पर पार्षदों के टिकट भी चयन होने की संभावना है। वर्तमान में 16 नगर निगम पर बीजेपी का कब्जा है। यही कारण है कि कांग्रेस पूरा जोर लगा रही है। जिससे उसको अपनी खोई हुई सीटों पर वापस कब्जा मिल जाए। भोपाल में भी कांग्रेस के लंबे समय तक महापौर रहे हैं। लेकिन पार्टी लगातार बीजेपी सरकार में महापौर का चुनाव भी हारती रही है। कांग्रेस हर एक निगम मंत्री को देने जा रही है। जहां जीत के लिए उनको अहम भूमिका निभाना होगी। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर यह काम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

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यह बदलाव करने वाली है सरकार

कांग्रेस सत्ता में आने के बाद निकाय चुनाव को लेकर बड़े बदलाव करने जा रही है। राज्य शासन महापौर और अध्यक्ष का सीधे चुनाव की जगह पर पार्षदों में से महापौर और अध्यक्ष चुने जाने के प्रस्ताव पर काम कर रही है।

@विचारोदय

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