पश्चिम बंगाल में एक किसान द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि किसान ने NRC के खौफ में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। बता दें कि असम में एनआरसी की फाइनल लिस्ट आने के बाद से कई भाजपा नेताओं द्वारा पूरे देश में एनआरसी लागू करने की मांग की जा रही है। खुद पार्टी अध्यक्ष और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी पूरे देश में एनआरसी लागू करने की बात कह चुके हैं।

टेलीग्राफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, इस बात से बांग्लादेश की सीमा से लगते पश्चिम बंगाल के कई जिलों में डर का माहौल है और लोग अपनी राष्ट्रीयता साबित करने वाले दस्तावेज ढूंढने में जुट गए हैं।

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खबर के अनुसार, पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के रहने वाले 38 वर्षीय किसान आनंद रॉय ने शुक्रवार को फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक के भाई का कहना है कि जब से असम में एनआरसी की अंतिम सूची जारी हुई थी, तब से ही आनंद परेशान था। वह तब से ही अपनी जमीन के कागजात ढूंढने में जुटा था, लेकिन वह उसे नहीं मिल रहे थे।

मृतक के अन्य रिश्तेदार का कहना है कि आनंद के पास आत्महत्या करने की कोई अन्य वजह नहीं थी और वह सामान्य जीवन जी रहा था। परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में इस बात को खास तौर पर दर्ज कराया है कि उसने एनआरसी के डर की वजह से जान दी।

वहीं एक अन्य मामले में दक्षिणी दिनाजपुर के निवासी 52 वर्षीय मंटू सरकार की उस वक्त मौत हो गई थी, जब वह अपना डिजिटल राशन कार्ड पाने के लिए बालुरघाट में बीडीओ ऑफिस के बाहर लाइन में खड़े थे। मृतक के परिजनों के अनुसार, उनकी मौत भी एनआरसी के खौफ के चलते ही हुई, क्योंकि वह असम में एनआरसी की अंतिम सूची आने के बाद से परेशान थे।

वहीं सीएम ममता बनर्जी ने लोगों को आश्वस्त किया है कि राज्य में एनआरसी लागू नहीं होगी। ममता बनर्जी ने लोगों से एनआरसी के मुद्दे पर परेशान ना होने की बात कही। ममता बनर्जी ने ये भी कहा कि ‘यदि कोई आपको राज्य से बाहर करने की कोशिश करेगा, तो उसे पहले ममता बनर्जी को राज्य से बाहर करना पड़ेगा।’ ममता बनर्जी ने मृतकों के आश्रितों को 2-2 लाख रुपए का मुआवजा देने का भी ऐलान किया।

https://youtu.be/1mJ1wCd91dM

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