शाहीन बाग के प्रोटेस्टर्स के साथ दिल्ली पुलिस ने इंडिया इस्लामिक सेंटर में मीटिंग की. इस मीटिंग में दिल्ली पुलिस और इंडिया इस्लामिक के सदस्यों ने कोरोना के प्रभाव को देखते हुए प्रदर्शन को बंद करने की अपील की.

Advertisement

कोरोना वायरस के चलते दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को बंद करने के लिए बार-बार मांग उठ रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर डटे हुए हैं. वहीं, रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान इस प्रदर्शन को हटाने की मांग को लेकर दो गुट आपस ही भिड़ गए. एक गुट धरने को खत्म करना चाहता है जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि जनता कर्फ्यू में भी धरना जारी रहना चाहिए.

आज जनता कर्फ्यू की वजह से पूरा देश बंद रहेगा और पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी लोगों से घर के अंदर रहने की अपील की है. इस सूरत में भी शाहीन बाग में भी प्रदर्शन जारी रखने की बात सामने आती रही.

ऐसे में दिल्ली पुलिस के सीनियर अफसर जिसमें डीसीपी साउथ ईस्ट शामिल थे, ने शाहीन बाग के प्रोटेस्टर्स के साथ शनिवार को इंडिया इस्लामिक सेंटर में मीटिंग की. इस मीटिंग में इंडिया इस्लामिक सेंटर के प्रेसिडेंट सिराजुद्दीन, सेक्रेटरी बदरुद्दीन के साथ शाहीन बाग में प्रदर्शन करने वाले सात प्रदर्शनकारी मौजूद रहे.

प्रदर्शन बंद करने की अपील

मीटिंग में दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कोरोना वायरस फैला हुआ इस कारण प्रदर्शन बंद कर दें. इंडिया इस्लामिक के सदस्यों ने भी पुलिस का साथ देते हुए प्रदर्शनकारियों से प्रदर्शन बंद करने की अपील की. यहां तक मीटिंग के दौरान पुलिस के तरफ से ये बात भी कही गई कि कम से कम कल यानी रविवार को शाहीन बाग में प्रोटेस्ट ना करें.

ये भी पढ़ें- कोरोना का कहर: वित्त मंत्री कोरोना वायरस प्रभावित सेक्टरों के लिए जल्द ही राहत पैकेज का करेंगी ऐलान..

मीटिंग में मौजूद शाहीनबाग के सातों प्रोटेस्टर्स ने कहा कि रविवार को प्रोटेस्ट कॉल ऑफ करने बारे में सोचेंगे, लेकिन फैसला शाहीन बाग जाकर लोगों से बात करने के बाद ही होगा. हालांकि, अभी तक शाहीन बाग की तरफ से किसी तरह की कोई जानकारी पुलिस को नहीं दी गई है.

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

वहीं, कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा. वकील अमित साहनी और बीजेपी नेता नंद किशोर गर्ग ने याचिका दाखिल की है.

याचिका में कहा गया है कि जब सुप्रीम कोर्ट से लेकर सभी अदालतों में कोरोना के प्रभाव से बचने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. स्कूल, कॉलेज, मॉल और सिनेमाघर सब बंद हैं. ऐसे में धरने-प्रदर्शन की कैसे इजाजत दी जा सकती है. सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से प्रदर्शन खत्म करने के आदेश दिए जाएं.

 

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply