जन्माष्टमी के पर्व का हिंदू धर्मावलंबियों के लिए विशेष महत्व है। इस दिन व्रत रखने पर कुछ नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होता है जिनमें से एक भी नियम का टूटना जन्माष्टमी का व्रत खंडित होने का कारण बन सकता है।

Advertisement

जन्माष्टमी के व्रत पर एकादशी व्रत के समान ही समस्त नियमों का पालन करना होता है, साथ ही पूरे दिन अन्न का एक भी दाना ग्रहण नहीं करना होता है। व्रत करने वाले लोग एक विशेष प्रकार का आहार ही ग्रहण कर सकते हैं, कुछ विशेष चीजों का पूर्ण रूप से त्याग करना होता है। आइए जानते हैं कि जन्माष्टमी का व्रत कैसे करें और इस दिन क्या-क्या खा सकते हैं।

इस जन्माष्टमी इन बातों का रखें विशेष ध्यान
इस जन्माष्टमी इन बातों का रखें विशेष ध्यान

जन्माष्टमी का व्रत देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरीके से किया जाता है। कुछ जगहों पर पूर्णतया निराहार और निर्जल रह कर व्रत किया जाता है तो कुछ स्थानों पर फलाहार किया जाता है और कुछ स्थानों पर सूर्यास्त के पश्चात कुछ नहीं खाया-पिया जाता है। ऐसे में आपको कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।जन्माष्टमी का त्योहार इस साल 30 अगस्त (सोमवार) को मनाया जाएगा। इस दिन लोग कान्हा के जन्म के समय यानी 12 बजे व्रत-उपवास और पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी के दिन झांकियां निकाली जाती हैं और दही हांडी उत्सव का आयोजन किया जाता है। कई बार जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले भक्त इस बात को समझ नहीं पाते हैं कि इस व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।

जानिए जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं और किन बातों का रखें ध्यान-

शरीर में ऊर्जा और एनर्जी बनाए रखें
व्रत करने से शरीर में ऊर्जा और एनर्जी दोनों की कमी आती है। ऐसे में आपको व्रत के दिन कुछ ऐसा लेना चाहिए जो व्रत के अनुकूल भी हो और आपकी बॉडी को ऊर्जा भी दे सकें। इसके लिए आप ड्राई फ्रूट्स खा सकते हैं।

फल तथा जूस
जन्माष्टमी के व्रत में आप फल भी खा सकते हैं। पानी की अधिकता वाले फल जैसे खीरा, खरबूज, मौसमी आदि खाने से आपके शरीर में पानी की भी कमी नहीं होगी और आपको भूख भी कम लगेगी। आप चाहे तो आम, केला, अनार जैसे फल भी खा सकते हैं या उनका जूस पी सकते हैं।

यह भी पढ़ें :शनिवार के दिन इन 3 लोगों की सेवा जरूर कीजिए, शनिदेव की कृपा आपको मालामाल बना देगी

दही की लस्सी अथवा छाछ
व्रत के दौरान दही की लस्सी अथवा मीठी छाछ पीने से भी शरीर में पानी की कमी नहीं होती और पेट भी भर जाता है। जो लोग पूर्णतया निराहार रहकर व्रत करते हैं, उनके लिए दही की लस्सी सर्वोत्तम है। इससे उनके शरीर में ऊर्जा की भी कमी नहीं आती।

कुट्टू का आटा
भारत के कुछ हिस्सों में कुट्टू के आटे का भी व्रत के दौरान प्रयोग किया जाता है। आप कुट्टू के आटे का प्रयोग कर रोटी बना सकते हैं, हलवा बना सकते हैं अथवा अन्य किसी रूप में ले सकते हैं। यह गेंहू के आटे के समान ही शरीर को ताकत देता है तथा भूख को शांत करता है।

यह भी पढ़ें :  स्त्री हो या फिर पुरुष कभी नहीं करना चाहिए ये 5 काम, मां लक्ष्मी कर देगी आपका त्याग

ऐसे खोलें जन्माष्टमी का व्रत
जन्माष्टमी के व्रत में बहुत से लोग सूर्यास्त के बाद कुछ नहीं लेते और मध्यरात्रि को जब भगवान कृष्ण का जन्म होता है, तब उनकी पूजा कर व्रत खोलते हैं। यदि आप भी इसी तरह व्रत कर रहे हैं तो आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे कि व्रत खोलते ही एकदम से बहुत ज्यादा न खाएं अन्यथा गैस तथा अन्य समस्याओं के चलते पेट दर्द हो सकता है। व्रत खोलते समय थोड़ा सा दही अथवा पानी लें, उसके बाद हल्के-फुल्के भोज्य पदार्थ या फल ग्रहण कर व्रत खोलें। इससे आपका स्वास्थ्य सही रहेगा।

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply