महिला एवं विकास मंत्रालय के मुताबिक, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सामाजिक व्यवस्था में बेटियों के प्रति रुढ़िवादी मानसिकता बदलना, पीसी और पीएनडीटी अधिनियम को सख्ती से लागू करना और बालिकाओं की शिक्षा को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

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‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत महिलाओं और बेटियों को 2100 रुपए देने पर नौकरी, लैपटॉप, प्रिंटर व मोबाइल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अगर आपके पास भी इस तरह का कोई मैसेज का लिंक क्लिक करने के लिए आया हो तो पहले इसकी सच्चाई जान लीजिए। आजकल मोदी सरकार की योजनाओं को लेकर ऑनलाइन ठगी के कई मामले सामने आ रहे हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक फर्जी वेबसाइट पर दावा किया जा रहा है कि महिला एवं बाल विकास के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत वेबसाइट पर कहा जा रहा है कि 2100 रुपए देने पर नौकरी, लैपटॉप, प्रिंटर व मोबाइल उपलब्ध कराए जाएंगे।

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मिनिस्ट्री ऑफ वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट से नहीं जुड़ी है ऐसे कोई वेबसाइट

सरकार के लिए सोशल मीडिया पर तथ्यों और भ्रामक खबरों की सच्चाई का पता लगाने वाली प्रेस इनफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक विंग ने इसकी जांच की है। PIB फैक्ट चेक टीम ने कहा है कि यह वेबसाइट मिनिस्ट्री ऑफ वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट (@MinistryWCD) से जुड़ी हुई नहीं है। पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने इसके लिए सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं के नाम पर चलाई जा रही फर्जी योजनाओं के खिलाफ चेतावनी देते हुए लिंक शेयर किया है। जिस पर मोदी सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। महिला एवं विकास मंत्रालय ने लोगों को इस तरह की धोखाधड़ी करने वालों के जाल में न फंसने की सलाह दी है। आप यहां क्लिक करके पूरी जानकारी ले सकते हैं।

महिला एवं विकास मंत्रालय ने दी ये सलाह

महिला एवं विकास मंत्रालय के मुताबिक, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सामाजिक व्यवस्था में बेटियों के प्रति रुढ़िवादी मानसिकता बदलना, पीसी और पीएनडीटी अधिनियम को सख्ती से लागू करना और बालिकाओं की शिक्षा को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यह कोई डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) योजना नहीं है। मंत्रालय ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि वे इस संबंध में अपने व्यक्तिगत विवरण को किसी से भी साझा न करें।

पीआईबी लगातार उन खबरों को लेकर लोगों को सतर्क करता रहता है जिससे अफवाह फैल सकती है। पीआईबी की फैक्ट चेक टीम इस तरह के फेक न्यूज से आपको आगाह करती रहती है। अगर आपको भी कोई ऐसा मैसेज मिलता है तो फिर उसको पीआईबी के पास फैक्ट चेक के लिए https://factcheck.pib.gov.in/ अथवा व्हाट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः pibfactcheck@gmail.com पर भेज सकते हैं। यह जानकारी पीआईबी की वेबसाइट https://pib.gov.in पर भी उपलब्ध है।

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