अनुकंपा आधार पर कैसे मिलती है नौकरी, जानिए क्या है पूरी प्रकिया और किस आधार पर मिलेगी नौकरी

अनुकंपा आधार पर कैसे मिलती है नौकरी, जानिए क्या है पूरी प्रकिया और किस आधार पर मिलेगी नौकरी

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पिछले दो साल में अनुकंपा नियुक्ति को लेकर कोर्ट के कई फैसले आए हैं. 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि दूसरी शादी (अमान्य है) से पैदा हुआ बच्चा वैध है और उसे अनुकंपा के आधार पर नौकरी से मना नहीं किया जा सकता है. अब विवाहित बेटी को अनुकंपा नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है.

राज्यसरकार अपने कर्मचारियों की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उनके आश्रित को नौकरी देने की नीति में बदलाव करेगी। हाल के दिनों में ऐसी नियुक्तियों को लेकर उठे विवाद और कोर्ट द्वारा समय समय पर की गई टिप्पणियों के बाद सरकार ने अपने प्रावधानों में कई बिंदुओं पर संशोधन करने का मन बनाया है। कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसमें कई प्रावधान केंद्रीय पैटर्न पर भी होगा। केंद्र की तर्ज पर राज्य में भी अब अनुकंपा पर नौकरी के अवसर सीमित होंगे अब जो कुछ फोर्थ ग्रेड बचे हैं ,उन पर और क्लास थ्री में एलडीसी श्रेणी के पदों पर ही नियुक्ति होगी। सरकार फोर्थ ग्रेड के पदों को आउट सोर्स करने का निर्णय कर चुकी है।

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अब केवल 5200 रुपए के वेतनमान के 1800 रुपए ग्रेड पे (छठे वेतनमान का ) वाले पदों पर ही अनुकंपा पर नौकरी मिलेगी। अभी इससे अधिक ग्रेड पे वाले पदों पर भी नियुक्तियां हो जा रही थी। अब केंद्र की तरह यहां भी तय श्रेणी के खाली पदों के पांच फीसदी पदों पर ही यह नौकरी मिल सकेगी। कोटा भर जाने के बाद पद खाली रहने पर भी आगे के कोटा के लिए इंतजार करना होगा। अभी कोटा व्यवस्था नहीं रहने से उस वेतनमान के खाली पदों पर अनुशंसा पर नौकरियां मिल जाती थी।

अपने आप नहीं मिलती अनुकंपा पर नियुक्ति
पिछले साल ही उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद आश्रित की नियुक्ति अपने आप नहीं हो सकती, बल्कि यह परिवार की वित्तीय स्थिति, मृतक पर आर्थिक निर्भरता और परिवार के अन्य सदस्यों के काम काज सहित विभिन्न मानकों की कड़ी जांच पर आधारित होती है. कोर्ट के मुताबिक इसी आधार पर कोई इसे अधिकार में गिन सकता. गृह मंत्रालय के नियमों के बाद अब ये जांच काफी पारदर्शी हो जाएगी साथ ही परिवारों की राहत के लिए प्रक्रिया का निपटान भी तेज हो सकेगा.

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कैसे मिलेगा अनुकंपा का लाभ
नीति में कई नये कदम उठाए गयें हैं जिससे जरूरत मंद परिवारों को जल्द राहत मिल सके. इसमें वेलफेयर ऑफिसर की भूमिका, प्वाइंट आधारित मेरिट योजना, सभी आवेदकों को अलग पहचान नंबर देना आदि शामिल हैं. इससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता बढेगी वहीं परिवारों को योजना का लाभ उठाने में आसानी मिलेगी क्योंकि वेलफेयर ऑफिसर परिवारों की मदद करेंगे. प्रक्रिया के तहत अधिकारी परिवारों की प्रोसेस का जानकारी देंगे और आवेदन भरने में मदद करेंगे. फैसले पर विचार एक कमेटी करेगी और अपना निर्णय आगे अथॉरिटी को भेजेगी. योजना के अनुसार पहले परिवार की आर्थिक स्थिति का आंकलन किया जाएगा. इसमें कमाने वाले सदस्य, परिवार का आकार, उनकी जरूरतों पर भी विचार किया जाएगा. परिवार प्रकिया को आसानी से पूरा कर सके इसलिए वेलफेयर ऑफिसर परिवार की पूरी मदद करेंगे.

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