नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनने की अपील का ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहाद उल मुसलमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने विरोध किया है. उन्होंने कहा कि भारत हिंदी, हिंदू और हिंदुत्व से कहीं बड़ा है. ओवैसी न कहा कि हिंदी सभी भारतीयों की मातृभाषा नहीं है. क्या आप विभिन्न मातृभाषाओं की विभिन्नता और सुंदरता की तारीफ कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 29 सभी भारतीयों को भाषा, लिपि और संस्कृति का अधिकार देता है .

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आपको बता दें कि हिंदी दिवस के मौके पर गृहमंत्री अमित शाह ने हिंदी के माध्यम से पूरे देश को जोड़ने की अपील की है. एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि विभिन्न भाषाएं और बोलियां हमारे देश की ताकत हैं. लेकिन अब देश को एक भाषा की जरूरत है ताकि यहां पर विदेशी भाषाओं को जगह न मिल पाए. इसलिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने हिंदी की ‘राजभाषा’ के तौर पर जाना जाता था.

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इसके अलावा उन्होंने हिंदी दिवस पर देश को शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट किया, ‘आज हिंदी दिवस के अवसर पर मैं देश के सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि हम अपनी- अपनी मातृभाषा के प्रयोग को बढाएं और साथ में हिंदी भाषा का भी प्रयोग कर देश की एक भाषा के पूज्य बापू और लौह पुरूष सरदार पटेल के स्वप्न को साकार करने में योगदान दें.’ उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न भाषाओं का देश है और हर भाषा का अपना महत्व है परन्तु पूरे देश की एक भाषा होना अत्यंत आवश्यक है जो विश्व में भारत की पहचान बने.

 

@vicharodaya

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