शिक्षक भर्ती
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शिक्षक भर्ती की रुकी भर्ती प्रोसेस फिर शुरू,वेटिंग लिस्ट वाले टीचर्स की नियुक्ति आदेश जारी
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प्रदेश सरकार ने शिक्षक की रुकी भर्ती प्रोसेस फिर शुरू कर दी है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग के सरकारी स्कूलों में उच्च माध्यमिक शिक्षक और माध्यमिक शिक्षक कि वेटिंग लिस्ट वाले टीचर्स की नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं।

इसके तहत उच्च माध्यमिक शिक्षक यानी वर्ग-एक में 853 और वर्ग दो के 923 कैंडिडेट्स की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। OBC कैंडिडेट्स की वेटिंग क्लियर नहीं की गई है। कैंडिडेट्स को 15 दिन में जॉइनिंग देना है।

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कैंडिडेट्स का कहना है कि यह लिस्ट सिर्फ अनारक्षित वर्ग, EWS, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जारी की गई है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने ट्वीट कर जानकारी दी। इससे पहले सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा MP-TET की वैलिडिटी एक साल बढ़ा दी है।

कोर्ट ने जारी किया अवमानना का नोटिस
शिक्षक भर्ती में कोर्ट ने OBC आरक्षण 14% देने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग ने उन विषयों में 14% आरक्षण उन्हीं विषयों में दिया, जिसमें उम्मीदवार कोर्ट पहुंचे थे। जिन विषयों में उम्मीदवार कोर्ट नहीं पहुंचे थे, उनमें 27% आरक्षण दिया। पहली लिस्ट में 11 विषयों में 27% आरक्षण दिया था। 5 विषयों में 14% दिया है।

इसके बाद उम्मीदवार फिर कोर्ट पहुंचे, तो कोर्ट ने पिछले दिनों राज्य सरकार को अवमानना नोटिस जारी किया था। इस बार किसी भी विषय की लिस्ट में OBC के कैंडिडेट्स को जगह नहीं दी गई है। OBC उम्मीदवार के लिए किसी विषय में वेटिंग क्लियर नहीं की गई है।

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उम्मीदवारों ने दी थी भूख हड़ताल की धमकी
उम्मीदवारों ने वेटिंग क्लियर नहीं होने से कारण पिछले दिनों भूख हड़ताल पर जाने की धमकी दी थी। चयनित शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक अमित गौतम का कहना है कि अब सरकार चाहे तो एक सप्ताह में वेटिंग क्लियर कर योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति दे सकती है। अभी तक विभाग वैधता खत्म होने का बहाना बना रहा था, लेकिन अब उनका बहाना खत्म हो गया है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो 2 अप्रैल से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।

वेटिंग क्लियर नहीं होने से दूसरी काउंसिलिंग अटकी
स्कूल शिक्षा के स्कूलों के लिए उच्च माध्यमिक शिक्षक की भर्ती दो चरणों में होनी है। पहले चरण में 15 हजार और दूसरे चरण में 2 हजार शिक्षकों की भर्ती होनी है, लेकिन अभी पहले चरण की काउंसिलिंग के तहत वेटिंग क्लियर नहीं हो सकी है। इसके कारण दूसरी चरण की काउंसिलिंग भी शुरू नहीं हो सकी है। अब उच्च माध्यमिक शिक्षक के 1500 हजार पदों पर भर्ती होते ही सेकंड राउंड की काउंसिलिंग शुरू हो सकेगी।

2018 के विधानसभा चुनाव से पहले निकली थी भर्ती
विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर 2018 में भर्ती निकली थी। फरवरी-मार्च 2019 में परीक्षा हुई। अगस्त-अक्टूबर 2019 में रिजल्ट घोषित किए। जनवरी 2020 में काउंसिलिंग शुरू हो गई थी। नियुक्ति अक्टूबर 2021 में मिली। यानी रिजल्ट आने के दो साल बाद नियुक्ति देना शुरू किया गया। इसमें भी सभी सीटों पर नियुक्ति नहीं हो सकी है। इस बीच, साल 2018 में विधानसभा चुनाव हुए।

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अप्रैल-मई 2019 में लोकसभा चुनाव हुए। 28 सीटों पर अक्टूबर 2020 में उपचुनाव हुए। इसके बाद 1 लोकसभा और 3 विधानसभा सीट के लिए चुनाव हुए। बीच में सत्ता परिवर्तन भी हो गया, लेकिन शिक्षक भर्ती अब तक पूरी नहीं हो सकी है।

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