गैस को निष्क्रिय करने में जुटी NDRF टीम, दो दिनों तक घर वापसी न करने की अपील

विशाखापट्टनम के एलजी पॉलिमर प्लांट में एक फिर गैस रिसाव हुआ है. गैस रिसाव के बाद एनडीआरएफ ने हवा की रफ्तार से अपने बचाव ऑपरेशन को अमल में लाना शुरू कर दिया. पुणे से विशाखापट्टनम पहुंची एक स्पेशल टीम फैक्ट्री में जहरीली गैस के धुएं को चीरते हुए मिशन में लग गई. साथ ही प्लांट के 5 किलोमीटर दायरे में रह रहे लोगों से अगले दो दिनों तक घर वापसी न करने की अपील की गई है.

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दरअसल, गुरुवार देर रात 11 बजे एलजी पॉलिमर फैक्ट्री के उपर उठते सफेद रंग के धुएं से हड़कंप मच गया था. फायर विभाग के अफसर के मुताबिक, गुरुवार को जिस टैंकर से रिसाव के कारण हादसा हुआ था, उसी टैंकर से फिर गैस रिसने लगा. इसके बाद आनन-फानन में एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाला और आसपास के गांवों को खाली कराने के साथ ही गैस को निष्क्रिय करने की कार्रवाई शुरू हो गई है.

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पीटीबीसी केमिकल से गैस को निष्क्रिय करने की कोशिश

एनडीआरएफ की एक्सपर्ट टीम पीटीबीसी (पैराटेरटियरी बुटिल कैथेकोल) से गैस को निष्क्रिय करने की कोशिश कर रही है. यह केमिकल गुजरात के वापी से विशाखापट्टनम लाया गया है. वापी के केके पूंजा एंड संस कंपनी ने 500 किलो पीटीबीसी केमिकल भेजा. माना जा रहा है कि इस केमिकल से स्टाइरिन गैस निष्क्रिय हो जाती है.

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गुरुवार सुबह से शुरू हुआ गैस रिसाव

इससे पहले विशाखापट्टनम में गुरुवार तड़के लगभग 2.30 बजे गैस रिसाव शुरू हुआ था. उस वक्त लोग गहरी नींद में थे और उन्हें सांस लेने में भारी दिक्कत महसूस हुई. कई लोग नींद से अचानक जगे और बाहर भागने लगे. भागने के क्रम में लोग बेहोश हो गए. बाद में घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने इधर-उधर गिरे लोगों को अस्पताल पहुंचाया. इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है.

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