मध्य प्रदेश के इस गांव की नदी में मिले रहे शव, लोगों में खोफ का माहोल

मध्य प्रदेश के इस गांव की नदी में मिले रहे शव, लोगों में खोफ का माहोल

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गांव के लोग इस घटना से भयभीत, ग्रामीण स्थानीय प्रशासन की मदद की प्रतीक्षा कर रहे, शव सड़ चुके हैं

भारत की सबसे पवित्र नदी मने जाने वाली नदी गंगा में इस महामारी के दौरान फूलपत्ती, दिए, और नाव नही बल्कि लाशें तैरती हुई नजर आ रही है कुछ दिनों पहले मामला बिहार और उत्तर प्रदेश में सामने आया और अब ऐसे ही मामले अन्य जगहों से भी सामने आ रहे हैं जिससे लोगो मे खोफ का माहौल बना हुआ है मामला मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से है जहाँ की  रूनज नदी में शव (Dead Bodies) मिले हैं.  पन्ना जिले के नंदनपुर गांव के लोग इस घटना से भयभीत हैं. ग्रामीण स्थानीय प्रशासन की मदद की प्रतीक्षा कर रहे हैं. नदी में पड़े शव सड़ चुके हैं. ग्रामीणों को यह शव कोरोना संक्रमित मरीजों के होने की आशंका है. हालांकि कलेक्टर ने कहा है कि केवल दो ग्रामीणों की मृत्यु कैंसर और वृद्धावस्था से हुई है.

इससे पहलें बिहार के बक्सर में मंगलवार को शव तैरते हुए मिले थे.यहां अब तक गंगा से कुल 73 शव निकाले गए हैं जिनके कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के शव होने की आशंका जताते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि संभवतः अंतिम संस्कार नहीं करके उन्हें गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया गया होगा. बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने मंगलवार को अपने ट्वीट में बक्सर जिले में चौसा गांव के पास इन शवों के गंगा नदी में मिलने की चर्चा करते हुए कहा कि 4-5 दिन पुराने क्षत-विक्षत ये शव पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से बहकर बिहार आए हैं.

वहीं कई लोगो का दावा है कि ये शव उन कोरोना पीड़ितों के हैं जिनके परिवार के सदस्यों द्वारा गरीबी के कारण और संसाधन के अभाव में शव को छोड़ दिया गया या सरकारी कर्मी इस डर से कि वे कहीं स्वयं संक्रमण की चपेट में न आ जाएं, शवों को नदी में फेंक कर फरार हो गए.

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