72 घंटे से छात्रों ने अधिकारियों को बनाया बंधक
72 घंटे से छात्रों ने अधिकारियों को बनाया बंधक

72 घंटे से छात्रों ने अधिकारियों को बनाया बंधक हॉस्टल खोलने और ऑफलाइन एग्जाम कि मांग को लेकर प्रदर्शन जारी
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पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित ऐतिहासिक विश्व भारती विश्वविद्यालय में हॉस्टल खोलने की मांग पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. गुरुवार को लगातार तीसरे दिन छात्रों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखा है. छात्रों ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आशीष अग्रवाल और जनसंपर्क अधिकारी अतीग घोष को उनके दफ्तर में ही बंद कर दिया है. ये पदाधिकारी पिछले 72 घंटे से छात्रों के बंधक बने हुए हैं.  बुधवार रात रजिस्ट्रार की तबीयत बिगड़ गई थी जिसके बाद डॉक्टर को बुलाना पड़ा था; हालांकि छात्रों का आंदोलन बंद नहीं हुआ. गुरुवार सुबह से एक बार फिर छात्र हंगामा और नारेबाजी कर रहे हैं. कार्यकारी जनसंपर्क अधिकारी अतीग घोष ने दावा किया है कि छात्रों ने उन्हें कैद किया है. हालांकि छात्र कह रहे हैं कि कार्यकारी जनसंपर्क अधिकारी तमाशा कर रहे हैं.

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उल्लेखनीय है कि कोरोना की वजह से विश्वविद्यालय के छात्रावास को लंबे समय से बंद कर रखा गया है. अब महामारी के संक्रमण में कमी के बावजूद छात्रावास खोलने के संबंध में विश्वविद्यालय प्रबंधन निर्णय नहीं ले रहा जिसे लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है.

कार्यालय में पदाधिकारियों को कैद कर रखा है छात्रों ने 

विश्वभारती विश्वविद्यालय में अभी भी तनाव का माहौल है. हालांकि 72 घंटे बीत चुके हैं, विश्वभारती के जनसंपर्क अधिकारी, रजिस्ट्रार और कार्यवाहक रजिस्ट्रार अभी भी विश्वभारती के केंद्रीय कार्यालय में फंसे हुए हैं. विश्व भारती विश्वविद्यालय के छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षा और छात्रावास खोलने सहित कई परीक्षाओं की मांग को लेकर सोमवार सुबह से ही विरोध प्रदर्शन किया था और वह विरोध अभी भी जारी है. पहले तो उन्होंने केंद्रीय कार्यालय के अंदर रजिस्ट्रार के कमरे को घेर लिया और विरोध करने लगे. बाद में उन्होंने कार्यालय के बाहर बैठकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.

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छात्र विश्वविद्यालय को खोलने की कर रहे हैं मांग

छात्रों ने मांग की कि विश्व भारती विश्वविद्यालय का छात्रावास तत्काल खोली जाए. ऑनलाइन पढ़ाई कर परीक्षा ऑफलाइन देना संभव नहीं है, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं की समय सीमा तत्काल बढ़ाई जाए, ये सभी छात्र अभी भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती वे धरना जारी रखेंगे.हिरासत में लिए गए अधिकारियों ने कहा कि वे अधिकारियों के निर्देश के बिना इस मामले पर अपना मुंह नहीं खोलेंगे. उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारी तय करेंगे कि छात्रों की मांगें पूरी होंगी या नहीं.

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विश्व भारती में लगातार होता रहा है आंदोलन

इस बीच, विश्व भारती विद्युत चक्रवर्ती के कुलपति इस समय दिल्ली में हैं. उससे किसी भी तरह से संपर्क नहीं किया जाएगा. एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि कुलपति ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था. विभाग प्रमुखों को केंद्रीय पुस्तकालय में रात भर रुकने को कहा गया है. कुलपति विद्युत चक्रवर्ती ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि छात्र आंदोलन वापस लेने पर ही विश्वभारती के अधिकारी चर्चा में बैठेंगे. आंदोलन पिछले सोमवार से शुरू हुआ था. आरोप था कि सुरक्षा गार्डों ने सोमवार को सबसे पहले आक्रोशित छात्रों को इमारत में घुसने से रोका. इतने में ही मारपीट शुरू हो गई. इसके बाद छात्र गेट में घुस गए. उन्होंने कुलपति के नाम पर ‘वापस जाओ’ का नारे लगाए

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