EVM पर चुनाव आयोग ने दिया जवाब,दिग्विजय बोले गुमराह कर रहा आयोग

EVM पर चुनाव आयोग ने दिया जवाब,दिग्विजय बोले गुमराह कर रहा आयोग

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चुनाव आयोग ने राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह द्वारा EVM पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को जानकारी दी जाती है, आपको बता दें आयोग के तरफ से मिले जवाब को दिग्विजय सिंह ने भ्रामक और गुमराह करने वाला बताया है।

पांच राज्यों में आए विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद कांग्रेस ने EVM पर सवाल उठाया था। जिसमें राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्वाचन आयोग से सवाल करते हुए आईआईटियन अतुल पटेल की मदद से एवं की मॉडल में गड़बड़ी होने का डेमो दिया था।

जिसके एक सप्ताह बाद मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनुपम राजन ने दिग्विजय सिंह द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाए गए सवालों का जवाब दिया। जिसे दिग्विजय सिंह ने भ्रामक और जनता को गुमराह करने वाला बताया है

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मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) अनुपम राजन ने इन सवालों का जवाब दिया है। निर्वाचन आयोग से मिले जवाब को दिग्विजय ने भ्रामक और जनता को गुमराह करने बताया है।

दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि हमारे चुनाव आयोग से निम्न प्रश्न हैं, जिनका उत्तर निर्वाचन आयोग नहीं दे रहा। जब लोकसभा चुनाव की तैयारी में 29 जनवरी को EVM की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) हुई, तब हमने पूछा- क्या VVPAT में सिंबल डालते समय उसे इंटरनेट से जोड़ा जाता है? यदि हां, तो SLU में कौन सा सॉफ्टवेयर होता है? दोनों का जवाब नहीं मिला।

हमारी मांग केवल यह है कि मेरा वोट मेरे हाथ में हो, जिसे अलग से रखी मतपेटी में डाल दूं। इसमें क्या ऐतराज है?

कांग्रेस के सवाल, चुनाव आयोग के जवाब

पहला सवाल- EVM​​​​​ की FLC करते समय SLU यानी सिंबल लोडिंग यूनिट के सॉफ्टवेयर को कंपनी के इंजीनियर द्वारा लोड किया जाता है। उसके प्रोग्राम व सॉफ्टवेयर की जानकारी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाए।
ECI का जवाब- EVM की FLC की प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहने के लिए दो दिन पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को लिखित सूचना दी जाती है। SLU यानी सिंबल लोडिंग यूनिट का उपयोग VVPAT में चुनाव चिह्न लोड करने के लिए किया जाता है। पूरी प्रक्रिया भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड बेंगलुरु के इंजीनियर द्वारा की जाती है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधि के सामने बड़े मॉनिटर या टीवी पर इसे दिखाया जाता है।

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दूसरा सवाल- EVM​​​​​ की FLC करते समय इंटरनेट रूम में कंप्यूटर-लैपटॉप के माध्यम से जो जानकारी भेजी जाती है, वह भी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाए।
ECI का जवाब- इस संबंध में मैन्युअल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन अगस्त 2023 एडिशन में स्पष्ट जानकारी है। एडिशन के 8 चैप्टर 2 एफएलसी ऑफ ईवीएम के बिंदु 2.9 सीलिंग ऑफ प्लास्टिक कैबिनेट ऑफ कंट्रोल यूनिट ऑफ ईवीएम विथ पिंक पेपर सील के अंतर्गत एफएलसी OK मशीनों- BU, CU, VVPAT की लिस्ट यूनिक आईडी के साथ सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को उपलब्ध कराई जाती है।

24 जनवरी को दिग्विजय ने आईआईटियन अतुल पटेल के माध्यम से EVM में गड़बड़ी का डेमो दिया था।
24 जनवरी को दिग्विजय ने आईआईटियन अतुल पटेल के माध्यम से EVM में गड़बड़ी का डेमो दिया था।

जवाब को निराशाजनक और भ्रामक बताया

दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस का पत्र और निर्वाचन आयोग से मिले जवाबों को साझा करते हुए लिखा- चुनाव आयोग द्वारा दिए गए जवाब निराशाजनक एवं भ्रामक हैं।

29 जनवरी को कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर सिंबल लोडिंग यूनिट के सॉफ्टवेयर की जानकारी मांगी थी। इंटरनेट का उपयोग करते हुए कम्प्यूटर-लैपटॉप के माध्यम से भेजी जाने वाली जानकारी भी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराने की मांग की थी।

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अगले ही दिन 30 जनवरी को भ्रामक उत्तर दे दिए, जो चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सवालों के जवाब में FLC की प्रक्रिया की जानकारी दे दी गई, जिसे सभी राजनीतिक दल पहले से ही जानते हैं। उसी की पारदर्शिता और प्रक्रिया पर संदेह पैदा होने के कारण सिंबल लोडिंग यूनिट के सॉफ्टवेयर की जानकारी चाही गई थी।

मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर कांग्रेस ने दो सवाल पूछे थे।
मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर कांग्रेस ने दो सवाल पूछे थे।

चुनाव की निष्पक्षता-पारदर्शिता पर सवाल

दिग्विजय ने लिखा- जब चुनाव आयोग द्वारा कहा जाता है कि ईवीएम का इंटरनेट से संबंध नहीं है, तो हमारा सीधा सवाल है कि क्या सिंबल लोड करते समय इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होती है। यदि हां, तो इस बात को छिपाने की क्या वजह है कि एफएलसी के समय इंटरनेट के माध्यम से संबंधित कक्ष में स्थापित कम्प्यूटर-लैपटॉप से किसे और क्या जानकारी भेजी जाती है?

विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे लोगों से चर्चा करने के बाद ये तथ्य सामने आए हैं कि 30 जनवरी 2024 के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र मैन्युअल ऑन ईवीएम की कंडिका 2.6 (सी) व 2.8 (डी) में उल्लेखित प्रक्रिया का पालन किसी भी स्थान पर नहीं किया गया है।

इससे साफ है कि चुनाव आयोग ईवीएम के संबंध में आम जनता को गुमराह कर रहा है। राजनीतिक दलों के EVM पर सवाल सीधे जवाब दिए जाने चाहिए, जो चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर छाए हुए कोहरे को साफ करते हों।

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