शनिदेव लोगों को उनके कर्म के हिसाब से फल देते हैं. यदि शनिदेव किसी से कुपित हो जाएं तो वो व्यक्ति राजा से रंक बन जाता है. ऐसे में हर कोई शनिदेव को प्रसन्न करना चाहता है. अगर आपको भी शनिदेव का आशीर्वाद चाहिए तो शनिवार के दिन ये 3 काम जरूर करें

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शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है. शनिदेव को कर्मफल दाता कहा जाता है. वे व्यक्ति के कर्म के हिसाब से उसे पुरस्कृत करते हैं और दंडित भी करते हैं. कहा जाता है कि शनिदेव यदि क्रोधित हों तो व्यक्ति बर्बाद हो जाता है और अगर प्रसन्न हों तो सड़क का भिखारी भी राजा बन जाता है.

इसलिए हर व्यक्ति शनिदेव के क्रोध से बचना चाहता है और उनकी कृपा पाना चाहता है. अगर आपको भी शनिदेव की कृपा पानी है तो उन लोगों की सेवा कीजिए जो ​शनिदेव को अति प्रिय हैं और वो कर्म कीजिए जिससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं. यहां जानिए इनके बारे में.

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इन 3 लोगों की सेवा कीजिए

1. शनिवार के दिन किसी काले कुत्ते को सरसों के तेल लगी रोटी जरूर खिलानी चाहिए. इसके अलावा दूध ब्रेड, बिस्किट आदि जो भी मौजूद हो वो भी खिलाया जा सकता है. लेकिन कुछ ऐसा खिलाएं जिसे कुत्ता प्रेम से खाए. अगर काला कुत्ता नहीं मिल पाता तो किसी भी कुत्ते को खिला सकते हैं. लेकिन शनिवार के दिन कुत्तों की सेवा जरूर कीजिए. आप अगर ऐसा रोजाना करते हैं तो ये और भी अच्छे फल देगा.

2. किसी जरूरतमंद की मदद कीजिए और अपने बुजुर्गों की सेवा कीजिए. शनिदेव को वो लोग अत्यंत प्रिय हैं जो अपने बड़ों का मान सम्मान करते हैं और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं. आप किसी जरूरतमंद को काली उड़द की दाल, सरसों का तेल, काले तिल आदि भी दान कर सकते हैं. यदि आपको रास्ते में जाते समय कोई ऐसा भिखारी दिख जाए जो बहुत बीमार या परेशान हो, ऐसे भिखारी की मदद जरूर करें. ऐसा करने से आपके आने वाले समय के कई बड़े संकट टल जाते हैं.

3. आपके घर के आसपास सफाई कर्मचारी झाड़ू लगाने आते ही होंगे. शनिवार के दिन इन सफाई कर्मचारियों को कुछ भी अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान जरूर करें. अगर संभव हो ​तो काले वस्त्र या काली चीजें दान करें. इससे भी शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है. शनि महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या आदि के कष्टों से मुक्ति मिलती है.

(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)

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