2018 में अरुण जेटली का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था जिसके बाद से वे लगातार स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहते हैं। 2019 में उन्होंने मोदी सरकार2 में शामिल होने से असमर्थता व्यक्त की थी

पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के सीनियर नेता अरुण जेटली का नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें 9 अगस्त दोपहर सवा 12 बजे उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था जिसके बाद उनका स्वास्थ्य का हाल जानने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला एम्स पहुंचे थे। वर्ष 2018 में जेटली के किडनी का ट्रांसप्लांट हुआ था। जेटली का जन्म 28 दिसंबर1952 को हुआ था।

अरुण जेटली मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में देश के वित्त मंत्री थे। 2019 में उन्होंने खुद को चुनाव से अलग कर लिया और दोबारा मोदी सरकार बनने पर भी खुद को मंत्री पद से दूर रखा। जेटली ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए खुद को अलग रखा। वे 2009 से 2014 तक राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे। अरुण जेटली की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के सेंट जेवियर्स स्कूल में हुई थी। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज से बी. कॉम किया और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही कानून की डिग्री ली।

2018 में अरुण जेटली का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था जिसके बाद से वे लगातार स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहते हैं। 2019 में उन्होंने मोदी सरकार2 में शामिल होने से असमर्थता व्यक्त की थी। उन्होंने एक चिट्ठी भी लिखी थी। अपने पत्र में जेटली ने लिखा था ‘मुझे अपने लिए, अपने इलाज के लिए और अपनी सेहत के लिए कुछ वक्त चाहिए।’ जेटली ने यह भी लिखा कि ‘मेरे पास इस दौरान निश्चित तौर पर काफी समय होगा जिसमें मैं सरकार और पार्टी की अनौपचारिक तौर पर मदद कर सकूंगा।

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