पश्चिम बंगाल पुलिस ने राज्य कांग्रेस के प्रवक्ता सन्मय बनर्जी को साइबर क्राइम से जुड़ी एक शिकायत पर गिरफ्तार किया है. उनके खिलाफ पुरुलिया जिले में शिकायत दर्ज कराई गई थी. पूर्व पत्रकार बनर्जी सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी सरकार की तीखी आलोचना के लिए जाने जाते हैं. बनर्जी को 24 उत्तर परगना जिले के अगरपारा में उनके आवास के पास से गुरुवार रात को उठाया गया.व्यापारी के यहां डकैत की योजना बनाते हुए 4 बदमाश गिरफ्तार..

Advertisement

क्या है पूरा मामला?

सन्मय बनर्जी पनिहाटी म्युनिसिपलिटी में चार बार कॉरपोटर रह चुके हैं और ‘Banglar Barta’ नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं. यह चैनल जून में शुरू किया गया था और पांच महीने में इसके 82,900 सब्सक्राइबर हो चुके हैं. बनर्जी टीवी पर भी चर्चित चेहरा हैं. अपने यूट्यूब वीडियोज में ममता बनर्जी और उनके भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी की भ्रष्टाचार के मामलों पर तीखी आलोचना के चलते हाल में काफी चर्चित हुए हैं.

रिलायंस इंडस्ट्रीज 9 लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैप वाली देश की पहली कंपनी बनी
सन्मय बनर्जी के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके पड़ोस से कुछ लोगों ने जबरन उठाया और तेजी से लेकर चले गए, उन्होंने अपना परिचय नहीं दिया. सन्मय बनर्जी के बड़े भाई तन्मय बनर्जी ने आरोप लगाया, ‘तृणमूल कांग्रेस के कुछ गुंडों ने हमारे पड़ोसी के घर का गेट तोड़ दिया और सन्मय को खींच कर ले गए. जो भी लोग वहां पर मौजूद थे, वे सभी सन्न रह गए. उन्होंने घर में लूटपाट भी की और तीन मोबाइल फोन भी ले गए. यहां तक कि महिलाओं पर भी शारीरिक हमला किया गया. न तो उन्होंने कोई दस्तावेज दिखाया, न ही कोई समन दिखाया.’अमिताभ सुबह 3 बजे अस्पताल में भर्ती हुए थे, किसी सेलेब्स को नहीं लगीं खबर..

सन्मय बनर्जी के परिजनों ने क्या कहा?

जब सन्मय बनर्जी के परिवार वाले स्थानीय पुलिस थाने में उनके अपहरण की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें बताया कि सन्मय को साइबर क्राइम केस में गिरफ्तार किया गया है.
तन्मय बनर्जी ने शुक्रवार को कहा, ‘पुलिस ने हमारी शिकायत लिखने से इनकार कर दिया. हमारे भाई को जिस दिन उठाया गया, उस दिन पुरुलिया के पुलिस थाने में नहीं रखा गया. हमें पता नहीं है कि वे कहां हैं. पुलिस को पार्टी कैडर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. वे असहमति की हर आवाज को दबाना चाहते हैं.’

लियोनेल मेसी ने छठा गोल्डन शू अवॉर्ड जीता..
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस प्रवक्ता के खिलाफ पुरुलिया के साइबर क्राइम सेल में एक स्थानीय तृणमूल नेता ने शिकायत दर्ज कराई थी. इसके पहले बनर्जी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत एक और केस मिदनापुर में दर्ज कराया गया था, जिसके लिए उनको एक नोटिस भी भेजा गया था.कांप्लेक्स निर्माण में अवैध रेत का उपयोग, कंप्यूटर बाबा और प्रशासन की खुली पोल..

ममता बनर्जी पर लगाया था आरोप

सितंबर में एक सोशल मीडिया पोस्ट में सन्मय बनर्जी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया था कि वे उनकी आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, ‘आप मेरी रीढ़ खरीदना चाहती हैं. मैं अपने आप को नहीं बेचूंगा. आपकी सारी धमकियों के बावजूद मेरी कलम खामोश नहीं होगी.’

अनिल कपूर के घर हुई करवा चौथ की पूजा, शिल्पा ने शेयर किया इनसाइड वीडियो

संसद में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस गिरफ्तारी को ममता बनर्जी की आलोचना के चलते राजनीतिक और बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया. उन्होंने कहा, ‘दीदी, इस तरह के हमले हमारे संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगे. मैं इस शर्मनाक राजनीतिक कार्रवाई की निंदा करता हूं. मैं बंगाल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे सड़कों पर उतर कर सन्मय बाबू के अपहरण के खिलाफ प्रदर्शन करें.

https://youtu.be/Avq6CqRweSQ

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply