इस तरह के आइसोलेशन वार्ड बदलने की मुहिम के तहत 1 वार्ड तैयार कर लिया गया है, अगर इस को मंजूरी मिलेगी तो मंत्रालय रेलवे के हर क्षेत्र में इस तरह के वार्ड बनाने की योजना पर कदम उठाएगा। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक प्रति सप्ताह 10 रेलवे कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदल दिया जाएगा।

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रेल में इस तरह तैयार हो रहे आइसोलेशन वार्ड!

कोरोना वायरस के मरीजों के लिए रेलवे ने इस तरह के वार्ड तैयार करने के लिए बीच की बर्थ को हटा दिया है, जबकि सामने वाली तीन बर्थ को भी हटा दिया गया है, ताकि मरीज को कोई परेशानी ना हो। रेल में जिस तरह बर्थ पर चढ़ने के लिए सीढ़ियां लगी होती हैं, उन्हें भी वहां से हटा दिया गया है। रेल में मौजूद तमाम जगह का इस्तेमाल करते हुए आइसोलेशन केबिन बनाने की तैयारी लगी हुई है।

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सरकार ने कोरोना वायरस के प्रकोप से लड़ने के लिए तैयारी बढ़ा दी है। देश में प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए निजी प्रयोगशालाओं का निर्माण किया गया है।

इस तरह के आइसोलेशन वार्ड के लिए जिन उपकरणों की आवश्यकता होगी उनके लिए 7 से 10 दिन के भीतर आवश्यकता अनुसार शर्तें पूरी कर ली जाएंगी, साथ की सभी शीर्ष दवाओं और निदान नियामक केंद्रीय ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (CDSCO) से बात की गयी है।

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सभी राज्यों को भी दिया गया है निर्देश

सरकार द्वारा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना वायरस के मरीजों के लिए समर्पित सुविधा बनाने का निर्देश दिया है। करीब 20 राज्यों ने पहले ही ऐसे अस्पतालों की पहचान की है, जिनका उपयोग कोरोनावायरस पॉजिटिव मरीजों के लिए किया जा सकता है।

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आपको बता दें कि सरकार ने नए वेंटिलेटर निर्यात करने पर भी रोक लगाई है, साथ ही पब्लिक सेक्टर कंपनीयों को कहा गया है कि 40,000 वेंटिलेटर इकाइयों का निर्माण किया जाए।

भारत में अब तक कोरोना वायरस से जूझ रहे लोगों की संख्या 873 पहुंच चुकी है। जबकि 21 जान गवां चुके हैं।

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