मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में कोरोना वायरस के चलते लगाए गए कर्फ्यू और लॉक डाउन को जरूरी बताते हुए इससे प्रदेश की की गरीब जनता को हो रही परेशानी से संबंधी एक पत्र भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को लिखा है। पत्र में कमलनाथ ने लिखा है कि प्रदेश में निम्न आय वर्ग के परिवारों के समक्ष जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। इन लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो, ये आपका दायित्व है। बता दें अभी भी प्रदेश में बहुत से गरीब परिवार पलायन पर मजबूर हो गए हैं।

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पत्र पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि काश कमलनाथ जी को प्रदेश की जनता की इतनी फिक्र मुख्यमंत्री रहते हुए हुई होती। बता दें, मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस की शुरुआत जबलपुर शहर से हुई थी। अब राजधानी भोपाल इंदौर सहित कई शहर इसकी चपेट में आ चुके हैं।

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि कर्फ्यू और लॉक डाउन के चलते प्रदेश में आमजन के सामने विषम परिस्थियां पैदा हो गई हैं। इस वजह से दिहाड़ी कर अजीविका चलाने वाले श्रमिक वर्ग के लोगों की आय बिलकुल बंद हो गई है। ये लोग अपने परिवार का जीवन यापन करने में असमर्थ हो गए हैं। दैनिक उपयोग की चीजों को नहीं खरीद पा रहे हैं। यही स्थिति प्रदेश के लाखों छोटे व्यापारियों में शामिल मोटर मैकेनिक, साईकिल का पंचर बनाने वाले, पान वाले, मोची आदि की भी हो गई है।

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि गरीब एवं अवंचित वर्ग के व्यक्तियों के जीवन के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करना राज्य सरकार का दायित्व है। उन्होंने अपने कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहते हुए तीन माह का राशन और एक माह का मुफ्त राशन सार्वजनिक वितरण प्रणाली से वितरित करने के निर्देश दिए थे। आशा है आप उसका पालन कराएंगे। कमलनाथ ने ये भी कहा है कि दूसरे देशों में इस परेशानी से निपटने के लिए नागरिकों को पैकेज दिए जा रहे हैं। लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा कोई पैकेज नहीं दिया जा रहा है।

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