भारत के महत्‍वाकांक्षी चंद्रयान-2 मिशन के चांद पर लैंड करने के इंतजार के बीच इसरो ने ऐलान किया है कि चंद्रयान के विक्रम लैंडर का इसरो से संपर्क टूट चुका है।

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इस बात की घोषणा इसरो प्रमुख के सिवन ने स्‍वयं की। उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संबंध में जानकारी दी। PM मोदी ने इस दौरान इसरो का उत्‍साहवर्धन करते हुए कहा है कि यह एक महान प्रयास था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार सुबह 8 बजे इसरो के कंट्रोल रूम से देश को संबोधित करेंगे.

https://twitter.com/isro/status/1170101772397862912?s=20

चांद से 2.1 किलोमीटर की दूरी तक लैंडर से संपर्क बना रहा था। इसके बाद वैज्ञानिक लैंडर से संपर्क नहीं साध पाए। इसरो का कहना है कि जो डाटा मिला है, उसके अध्ययन के बाद ही संपर्क टूटने का कारण पता चल सकेगा।

इसरो के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय में मौजूद रहे प्रधानमंत्री मोदी ने वैज्ञानिकों से अपडेट लिया। इसरो प्रमुख सिवन जब PM को अपडेट दे रहे थे तभी साथी वैज्ञानिकों ने सांत्वना में उनकी पीठ भी थपथपाई। इसके बाद से ही अभियान को लेकर चिंता बढ़ गई थी।https://twitter.com/isro/status/1170086810006900736?s=20

ISRO मुख्‍यालय पर वैज्ञानिकों को चंद्रयान से सिग्‍नल मिलने का इंतजार था। पूरे देश भर में चंद्रयान के चांद पर उतरने को लेकर जबर्दस्‍त उत्‍साह था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां सभी वैज्ञानिकों का उत्‍साहवर्धन किया। उन्‍होंने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।

हमें आप पर गर्व है। अच्छे प्रयासों के लिए आशा कायम है। मैं आपको बधाई देता हूं। आप सभी ने राष्ट्र, विज्ञान और मानव जाति के लिए एक बड़ी सेवा की है। मैं आपके साथ हर तरह से हूं, बहादुरी से आगे बढ़ते रहें।

आमतौर पर इस समय लोग सो जाते हैं लेकिन आज की रात पूरा देश जाग रहा है। सभी को चंद्रयान के चांद पर लैंडिंग का बेसब्री से इंतज़ार था।

भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया की निगाहें इस उपलब्धि का गवाह बनने का इंतजार कर रही थीं। जहां पूरे देश में इसकी सफलता को लेकर प्रार्थनाओं का दौर जारी है वहीं वैज्ञानिक भी सबसे बड़ी चुनौती से निपटने के लिए तैयार थे।

@vicharodaya

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