भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद (File Photo)
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद (File Photo)

 चंद्रशेखर ने कहा कि ये राजनीति है और जिन्हें मैं भाई मानता आया हूं अब उनसे लड़ने में भी पीछे नहीं हटूंगा. उन्होंने आगे कहा कि हमने तय किया है कि परिवारवाद की राजनीति के आगे नहीं झुकेंगे, हमारा मकसद सत्ता नहीं सामाजिक बदलाव है.

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यूपी विधानसभा चुनावों  से ठीक पहले सपा सुप्रीमो और अखिलेश यादव और आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर के बीच तल्खियां सामने खुलकर आ गयी हैं. चंद्रशेखर ने कहा कि आज मैं डर गया तो कल को कोई भी युवा हिम्मत नहीं कर पाएगा. ये सारे नेता सत्ता के भूखे हैं, हमारे साथ छल हुआ और हम राजनीति को समझ नहीं पाएंगे. लोग हंस रहे होंगे कि उन लोगों ने चंद्रशेखर को बेफकूफ बना दिया लेकिन हमारा लक्ष्य सत्ता नहीं सामाजिक परिवर्तन नहीं था. आज़ाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के लाखों कार्यकर्ताओं ने विपक्ष की भूमिका निभाई है.

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कांग्रेस से गठबंधन के सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि शाम तक वह चौंकाने वाली खबर सुना सकते हैं. चंद्रशेखर ने भारतीय समाज पार्टी के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की. साथ ही यह भी कहा कि अगर पार्टी ने तय किया तो वह गोरखपुर से (सीएम योगी के खिलाफ) चुनाव लड़ेंगे. चंद्रशेखर आजाद ने अखिलेश यादव पर भी आरोप लगाए. कहा गया कि उनको पहले 25 सीट का वादा किया गया था. चंद्रशेखर बोले कि उन्हें विधायक और मंत्री पद का ऑफर मिला था, जिसे उन्होंने नकार दिया. भीम आर्मी के मुखिया बोले कि अगर सपा उनको 100 सीट भी देगी तो भी वह अब उनके साथ नहीं जाएंगे. चंद्रशेखर ने कहा कि वह बीजेपी को रोकने के लिए चुनाव के बाद भी पार्टियों की मदद करेंगे. बताया गया कि आजाद समाज पार्टी ने मायावती से भी गठबंधन की कोशिश की थी. लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया.

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इशारों-इशारों में अखिलेश पर हमलावर

यूपी चुनाव के लिए चंद्रशेखर सपा प्रमुख अखिलेश यादव से दो बार मिले थे. दोनों के बीच गठबंधन पर बात हुई थी. लेकिन बाद में बात नहीं बनी. चंद्रशेखर ने आरोप लगाया था कि अखिलेश को दलित वोट चाहिए लेकिन दलित नेता नहीं चाहिए. वहीं अखिलेश ने कहा था कि गठबंधन में भीम आर्मी को दो सीटें दी जा रही थीं, इसपर चंद्रेशेखर राजी भी हो गए थे, लेकिन फिर उनके (चंद्रशेखर) पास किसी किसी का फोन आया, जिसके बाद वह पलट गए. अखिलेश ने इसे साजिश बताया था.

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अखिलेश बनाम चंद्रशेखर के बीच अखिलेश के सहयोगी सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर का बयान भी आया था. उन्होंने कहा था कि वह चंद्रशेखर को कहीं नहीं जाने देंगे और सीट बंटवारे पर अखिलेश से बात करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वह चंद्रशेखर को अपने कोटे से सीट देंगे. बता दें कि यूपी चुनाव के लिए सपा ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जनवादी पार्टी (सोशलिस्ट),राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी),अपना दल (कमेरावादी), प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया), महान दल, टीएमसी से गठबंधन किया हुआ है.

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