मध्य प्रदेश की राजनीति के ‘महाराज’ ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी मुख्यालय में सदस्यता ली. कांग्रेस में कभी राहुल गांधी के करीबी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने होली के दिन कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, उनके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के 22 विधायकों ने भी पार्टी छोड़ दी थी. भारतीय जनता पार्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेज सकती है.

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कुछ ही देर में बीजेपी का दामन थामेंगे सिंधिया..

बीजेपी में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह जी का शुक्रिया की उन्होंने अपने परिवार में स्थान दिया. सिंधिया बोले कि मेरे जीवन में दो तारीख काफी अहम रही हैं, इनमें पहला 30 सितंबर 2001 जिस दिन मैंने अपने पिता को खोया, वो जिंदगी बदलने वाला दिन है. और दूसरी तारीख 10 मार्च 2020 को जहां जीवन में एक बड़ा निर्णय मैंने लिया है.

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सिंधिया बोले कि आज मन व्यथित है और दुखी भी है. जो कांग्रेस पार्टी पहले थी वो आज नहीं रही, उसके तीन मुख्य बिंदु हैं. पहला कि वास्तविकता से इनकार करना, नई विचारधारा और नेतृत्व को मान्यता नहीं मिलना. 2018 में जब MP में सरकार बनी तो एक सपना था, लेकिन वो बिखर चुका है. मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने वादे पूरे नहीं किए हैं. कांग्रेस में रहकर जनसेवा नहीं की जा सकती.

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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आज मध्य प्रदेश में ट्रांसफर माफिया का उद्योग चल रहा है, राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने मुझे एक नया मंच देने का मौका दिया है.

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