बैंक अकाउंट में से कट रहे हैं 177 रुपये? जानिए- ग्राहकों के अकाउंट से क्यों काटे जा रहे हैं पैसे?

बैंक समय-समय पर अपने ग्राहकों को सुविधा देने के एवज में चार्ज भी काटता है. हाल ही में बैंक इंटरनेट बैंकिंग के नाम पर ग्राहकों के खातों से पैसे काट रहा है, जिसमें जीएसटी भी जोड़ा गया है.

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अब प्राइवेट और सरकारी दोनों बैंक ग्राहकों को अधिकतर बैकिंग सर्विस ऑनलाइन माध्यम से दे रहे हैं. यानी ग्राहक बैंक के आधे से ज्यादा काम घर बैठे ही कर रहे हैं. यहां तक कि बैंक अकाउंट भी घर से ही खुलवाया जा सकता है. हालांकि, बैंक इन सभी सुविधाओं के लिए ग्राहकों से चार्ज भी ले रहा है. इसी क्रम में इन दिनों एक्सिस बैंक की ओर से ग्राहकों के खातों से 177 रुपये काटे जा रहे हैं, जिन्हें लेकर ग्राहक परेशान हैं कि आखिर उनके अकाउंट से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं.

बैंक इंटरनेट बैंकिंग के नाम पर ग्राहकों के खातों से पैसे काट रहा है, जिसमें जीएसटी भी जोड़ा गया है.
बैंक इंटरनेट बैंकिंग के नाम पर ग्राहकों के खातों से पैसे काट रहा है, जिसमें जीएसटी भी जोड़ा गया है.

अगर आपका खाता भी एक्सिस बैंक में है और आपके खाते से 177 रुपये कटे हैं तो आपको बताते हैं कि आखिर खाते से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं. साथ ही जानते हैं कि बैंक की ओर से और किन-किन चीजों के लिए पैसे काटे जाते हैं, जिनके बारे में ग्राहकों को कम ही जानकारी होती है.

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किस बात के काटे हैं 177 रुपये?

एक्सिस बैंक की ओर से उन लोगों के खाते से 177 रुपये काटे हैं, जो बैंक की इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं. यानी बैंक ने इंटरनेट बैंकिंग के चार्ज काटे हैं, जो बैंक की ओर से हर साल काटे जाते हैं. बैंक हर साल इंटरनेट बैंकिंग के 150 रुपये अकाउंट से काटता है और फिर इसके साथ 18 फीसदी जीएसटी भी लिया जाता है. इसका मतलब है कि बैंक 150 रुपये चार्ज और 27 रुपये जीएसटी के काटता है यानी 177 रुपये. ऐसे में अगर आप इंटरनेंट बैंकिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपके अकाउंट से इस वजह से पैसे कटे हैं.

बैंक और किस बात के काटता है चार्ज?

बैंक की ओर से इंटरनेट बैंकिंग के अलावा कई तरह के चार्ज काटे जाते हैं, जिसमें एटीएम, एसएमएस चार्ज आदि शामिल है. जानते हैं बैंक की ओर से कितने तरह के चार्ज लिए जाते हैं…

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– बैंक की ओर से सीमित कैश ट्रांजेक्शन की अनुमति होती है. ऐसे में आप एक महीने में तय नियमों के अनुसार 4-5 ट्रांजेक्शन कर सकते हैं. अगर आप इसके बाद भी ट्रांजेक्शन करते हैं तो आपको फीस देनी होती है. सरकारी बैंक आमतौर पर 20 रुपये से लेकर 100 रुपये तक चार्ज लेते हैं.

– बैंक आपसे ATM ट्रांजैक्शंस पर भी शुल्क वसूलता है. अगर आप सीमित संख्या से ज्यादा एटीएम से ट्रांजेक्शन कर लेते हैं तो आपको फीस देनी होती है.

– एटीएम कार्ड के मेंटेनेंस को लेकर भी हर साल बैंक करीब 150 रुपये तक चार्ज लेता है.

– बैंक अब न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर कस्टमर्स से शुल्क वसूलते हैं. मेट्रो, सेमी-अर्बन और रूरल शाखाओं की अलग-अलग न्यूनतम बैलेंस लिमिट हैं. साथ ही हर बैंक का अलग नियम होता है.

– मान लीजिए आप एटीएम में गए और आपके खाते में सिर्फ 5000 रुपये थे और फिर आपने पैसे निकलवाने के लिए 6000 की रिक्वेस्ट डाल दी तो आपका ट्रांजेक्शन फेल हो जाएगा. अगर ऐसा होता है तो बैंक आपसे 20 से 25 रुपये वसूल सकता है. ऐसे में पहले बैंलेंस चेक कर लें और फिर पैसे निकाल लें.

– NEFT और RTGS अब सभी कस्टमर्स के लिए फ्री हैं. लेकिन, IMPS ट्रांजैक्शंस पर आपको शुल्क देना पड़ता है. ये आमतौर पर 5 रुपये से 25 रुपये के बीच होता है.

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