देश में कोरोना का संक्रमण बेकाबू हो चुका है। कोरोना (Corona) की दूसरी लहर युवा वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है. सबसे ज्यादा खतरा इसी वर्ग के लोगों को है. आंकड़ों के अनुसार डेढ़ महीने में कोरोना से जान गंवाने वालों में 50% कम उम्र के लोग हैं. आगामी 22 अप्रैल से शादियों का सीजन भी शुरू हो रहा है। जिसे देखते हुए भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने शहर में 26 अप्रैल तक सभी सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रम पर रोक लगा दी है।

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उन्होंने जनता से अपील की है कि कोरोना संकट खत्म होने के बाद वो शादी के लिए कोई नया मुहूर्त तय करें. कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिया है कि वो शादी के लिए कोई अनुमति नहीं दें.

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आयोजन करता हुआ पाया जाने पर होगी कार्रवाई

कलेक्टर ने कहा है कि, 26 अप्रैल तक शहर में सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक और शादी किसी तरह का कोई आयोजन नहीं होंगे। अगर कोई अयोजन करता हुआ मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायगी। भोपाल में धारा 144 लागू है ऐसे में लोगों के एक स्थान पर एकत्रित होने की मनाही है। परिस्थितियों को देखते हुए आदेश को बढ़ाया जा सकता है।

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50 लोगों की मिल रही थी अनुमति
अभी तक राजधानी भोपाल में शादी समारोह में 50 लोगों के शादी में शामिल होने की अनुमति एसडीएम कार्यालय से मिल रही थी. लेकिन अब आगे अनुमति नहीं मिलेगी. इस संबंध में जिला प्रशासन जल्दी आदेश भी जारी करेगा. सरकार ने वर- वधू पक्ष के 50 लोगों को शादी के लिए अनुमति दी थी. लेकिन अब बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण जिला प्रशासन ने शादियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. अब 50 लोगों की परमिशन भी नहीं दी जाएगी.

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