भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस के बेंगलुरु-नांदेड़ में 12 दिन से ठहरे 21 पूर्व विधायक आज भाजपा में शामिल हो गए। बिसाहूलाल साहू ने पहले ही भाजपा की सदस्यता ले ली थी। ये सभी नेता बेंगलुरु से दिल्ली पहुंचे थे। पहले इन नेताओं से ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुलाकात की। इसके बाद सभी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर पहुंचे। इस दौरान कैलाश विजयवर्गी, नरेंद्र सिंह तोमर और धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। आज सभी नेताओं की गृहंं मत्री अमित शाह से भी मुलाकात हो सकती है। इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

Advertisement

कोरोना का कहर: मास्क और सेनेटाइजर को मनचाहे दाम बेचा, सरकार ने दाम न्यूनतम करवाए..

इससे पहले ये सभी पूर्व विधायक चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली पहुंचे। इनके आज रात ही भोपाल आने की संभावना है। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश में 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी और शुक्रवार को कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

कोरोना का कहर: सिंगर कनिका कपूर के खिलाफ FIR दर्ज..

18 सिंधिया समर्थक, 4 सरकार से नाराज थे-

बेंगलुरु में इस्तीफा देने वाले 18 विधायक सिंधिया समर्थक हैं। जबकि 4 ने सरकार से नाराज होकर इस्तीफा दिया था। इनमें ऐदल सिंह कंसाना और बिसाहूलाल दिग्विजय समर्थक माने जाते थे। हरदीप सिंह डंग और मनोज चौधरी किसी गुट के नहीं थे।

कोरोना का कहर: एकमत होकर जनता कर्फ्यू का पालन करें: कुमार विश्वास..

इस्तीफा देने वाले 16 विधायक ग्वालियर-चंबल से-
इस्तीफा देने वाले 16 विधायक ग्वालियर-चंबल से हैं और इस क्षेत्र में सिंधिया का खासा प्रभाव है। उपचुनाव में सिंधिया के साथ ही यहां केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और शिवराज सिंह चौहान फैक्टर भी काम करेगा। कांग्रेस इस बार सिंधिया के बिना ही इन सीटों पर उपचुनाव में उतरेगी।

भाजपा की सरकार बनाने की तैयारी शुरू..

उपचुनाव पर निर्भर है बागियों का भविष्य-
22 बागियों के इस्तीफे और 2 विधायकों के निधन से प्रदेश की 24 विधानसभा सीटों पर अब 6 माह के अंदर उपचुनाव होंगे। यानी अब इन 22 का भविष्य उपचुनाव पर टिक गया है। संभवत: मई-जून में चुनाव आयोग उपचुनाव करा सकता है। इनके नतीजे तय करेंगे कि नई सरकार बहुमत में रहेगी या अस्थिरता के बीच झूलेगी।

Advertisement
Advertisement

Leave a Reply