लॉकडाउन में भी अनिल कपूर अपनी फिटनेस पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। 63 साल के अभिनेता ने सोशल मीडिया पर अपने वर्कआउट सेशन की कुछ फोटो साझा की हैं। साथ ही इम्युनिटी और विलपावर को लेकर प्रेरक नोट लिखा है। उनके मुताबिक, आइसोलेशन या अंतहीन विसंक्रमण कोविड-19 जैसे माइक्रोब्स से लड़ने का लॉन्ग टाइम सॉल्युशन नहीं है। इम्युनिटी बढ़ाकर ही इससे लड़ा जा सकता है। 

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हेल्थ ड्राइव में दिमाग की अहम भूमिका
अनिल लिखते हैं, “कई सुबह अन्य की तुलना में ज्यादा मुश्किल होती हैं। कई दिन मैं दूसरों की तुलना में एक घंटा ज्यादा बिस्तर के अंदर रहता हूं। लेकिन मेरा वर्कआउट, मेरा फिटनेस रिजाइम तब भी इंतजार कर रहा होता है, जब मैं बिस्तर समेट रहा होता हूं। यही वजह है कि हमारा दिमाग किसी भी हेल्थ ड्राइव में अहम भूमिका निभाता है।” https://www.instagram.com/p/CADSLpIFQ7V/?igshid=f4jnqqp1gr9m

कोविड-19 का लॉन्ग टाइम सॉल्युशन आइसोलेशन नहीं
अनिल की मानें तो कोविड-19 जैसे अदृश्य दुश्मन से इम्युनिटी बढ़ाकर ही लड़ा जा सकता है। उन्होंने लिखा है, “कोविड-19 जैसे माइक्रोब्स से लड़ने का लॉन्ग टाइम सॉल्युशन आइसोलेशन या अंतहीन विसंक्रमण नहीं है। लेकिन शरीर और मन की इम्युनिटी का निर्माण इस तरह के किसी भी बाहरी एग्रेवेटर्स से लड़ने के लिए किया जाता है। क्योंकि यह पहला या आखिरी नहीं है।” https://youtu.be/5Vh_Q5AA63I

दिमाग पर ज्यादा मेहनत करनी होती है
अनिल आगे लिखते हैं, “हमारा दिमाग शरीर का ही एक हिस्सा है, जिस पर हमें ज्यादा मेहनत करनी होती है। फिर भी दूसरों के सामने मेहनत के परिणाम हमेशा सामने नहीं आ सकते। फ्लेक्स करने के लिए माइंड के बाइसेप नहीं होते, दिखाने के लिए ब्रेन के सिक्स पैक नहीं होते। लेकिन दिमाग वही है जो हमें इस बात का अंतर महसूस कराता है कि हम अंदर से स्वस्थ हैं।” सीमा सुरक्षा के लिए IBG तैयार


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