अमिताभ बोले- ऋषि से मिलने कभी अस्पताल नहीं गया, उदास चेहरा नहीं देख सकता था

गुरुवार को बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर का निधन हो गया. उन्होंने मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली. एक्टर लंबे समय से कैंसर से लड़ रहे थे, लेकिन जीवन के आखिरी पड़ाव पर वो इससे हार गए और पंचतत्व में विलीन हो गए. एक्टर के यूं जाने से पूरी इंडस्ट्री में शोक है लेकिन सबसे ज्यादा टूट गए हैं महानायक और ऋषि के जिगरी दोस्त अमिताभ बच्चन जिन्होंने उन्हें याद कर एक इमोशनल पोस्ट लिखा है.

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अमिताभ की भावुक श्रद्धांजलि!

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग के जरिए ऋषि कपूर को भावुक श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने अपने दोस्त को याद कर कई यादगार लम्हें साझा किए हैं. अपने ब्लॉग में अमिताभ लिखते हैं- मुझे एक बार राज कपूर ने अपने घर बुलाया था तब मैंने पहली बार एक नौजवाब, उत्साह और शैतानी से भरे चिंटू को देखा था. मैंने ज्यादातर उन्हें आरके स्टूडियो में देखा था जहां वो अपनी फिल्म बॉबी की तैयारी कर रहे थे. वो एक ऐसे कलाकार थे जो सबकुछ जानना चाहते थे, सीखना चाहते थे. उनकी चाल हमेशा आत्मविश्वास से भरी होती थी. कई बार उनकी चाल मुझे महान पृथ्वी राज जी की याद दिलाती थी.

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अमिताभ ने ये भी बताया कि उन्होंने ऋषि कपूर के साथ कई फिल्मों में काम किया था. उनके मुताबिक ऋषि कपूर की डायलॉग डिलीवरी लाजवाब थी. उनकी हर लाइन पर विश्वास किया जा सकता था. अमिताभ ने ये भी कहा कि बॉलीवुड में उन से अच्छा गानों की लिप्सिंग कोई नहीं कर सकता था.

जिंदादिल रवैये के थे ऋषि!

एक्टर ने ऋषि कपूर के जिंदालित रवैये को भी याद किया. वो कहते हैं- ऋषि मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में भी हंसने का और हंसाने का मौका निकाल लेते थे. कोई बड़ा ईवेंट भी होता था, वो वहां भी कुछ ना कुछ ऐसा देख ही लेते थे कि हर कोई हंसने को मजबूर हो जाता था. अमिताभ बताते हैं कि शूट के दौरान ऋषि कई बार पत्ते खेला करते थे. उन्हें Bagatelle board खेलना भी खासा पसंद था. वो इसे एक कॉम्पिटिशन की तरह लेते थे.

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अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में इस बात का खुलासा किया कि वो ऋषि कपूर से अस्पताल मिलने कभी नहीं गए थे. वो उनके मुस्कराते हुए चेहरे पर कभी भी उदासी नहीं देख सकते थे. अमिताभ ने आखिर में सिर्फ यही कहां- जब ऋषि हमे छोड़कर गए होंगे, उनके चेहरे पर मुस्कान जरूर होगी.

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